UN की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस से भारत का 34.8 करोड़ डॉलर का व्यापार होगा प्रभावित

Published : Mar 05, 2020, 06:26 PM ISTUpdated : Mar 05, 2020, 06:27 PM IST
UN की रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस से भारत का 34.8 करोड़ डॉलर का व्यापार होगा प्रभावित

सार

कोरोना वायरस की महामारी से भारत का 34.8 करोड़ डॉलर का व्यापार प्रभावित होने की आशंका है संयुक्तराष्ट्र की एक रपट के अनुसार कोरोना वायरस वजह से आर्थिक तौर पर प्रभावित होने वाले शीर्ष 15 देशों में भारत भी शामिल है

संयुक्तराष्ट्र: कोरोना वायरस की महामारी से भारत का 34.8 करोड़ डॉलर का व्यापार प्रभावित होने की आशंका है संयुक्तराष्ट्र की एक रपट के अनुसार कोरोना वायरस वजह से आर्थिक तौर पर प्रभावित होने वाले शीर्ष 15 देशों में भारत भी शामिल है। इस वायरस के प्रकोप का असर चीन के विनिर्माण उद्योग पर पड़ा है जिसकी वजह से वैश्विक व्यापार प्रभावित हुआ है।

विकास और व्यापार पर संयुक्तराष्ट्र के सम्मेलन (अंकटाड) ने बुधवार को यह रपट प्रकाशित की है। इसके मुताबिक कोरोना वायरस की वजह से चीन के विनिर्माण क्षेत्र को धक्का लगा है। इससे दुनियाभर की आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्यात में 50 अरब डॉलर की कमी आने की आशंका है।

विनिर्माण क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए

इसकी वजह से मशीनरी, वाहन और संचार उपकरण विनिर्माण क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। रपट के अनुसार कोरोना वायरस के प्रकोप से यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था पर 15.6 अरब डॉलर का, अमेरिका पर 5.8 अरब डॉलर, जापान पर 5.2 अरब डॉलर, दक्षिण कोरिया पर 3.8 अरब डॉलर, ताइवान पर 2.6 अरब डॉलर और वियतनाम पर 2.3 अरब डॉलर का प्रभाव पड़ने की आंशंका है।

देश का 34.8 करोड़ डॉलर का व्यापार प्रभावित

भारत उन शीर्ष 15 देशों में शामिल है जिसकी अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस का प्रभाव हो रहा है। इससे देश का 34.8 करोड़ डॉलर का व्यापार प्रभावित होने की आशंका है। हालांकि भारत के व्यापार पर पड़ने वाला प्रभाव यूरोपीय संघ, अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया से कम है। कोरोना वायरस के चलते इंडोनेशिया का भी 31.2 करोड़ डॉलर का व्यापार प्रभावित होने का अनुमान है।

रपट के अनुसार कोरोना वायरस का सबसे ज्यादा प्रभाव भारत के रसायन क्षेत्र पर 12.9 करोड़ डॉलर, कपड़ा क्षेत्र पर 6.4 करोड़ डॉलर, वाहन क्षेत्र पर 3.4 करोड़ डॉलर, इलेक्ट्रिक मशीनरी क्षेत्र पर 1.2 करोड़ डॉलर, चर्म उत्पाद क्षेत्र पर 1.3 करोड़ डॉलर, धातु एवं धात्विक उत्पाद क्षेत्र पर 2.7 करोड़ डॉलर और फर्नीचर क्षेत्र पर 1.5 करोड़ डॉलर पड़ने की आशंका है।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)

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