
अपना घर खरीदने या मौजूदा होम लोन का बोझ कम करने के लिए प्रॉविडेंट फंड (PF) का पैसा इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं? अगर हाँ, तो आपको इम्प्लॉइज प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) के 2026 के नए नियमों को जानना बहुत ज़रूरी है। इन नियमों के तहत कुछ खास शर्तों को पूरा करने पर ही आप घर से जुड़े कामों के लिए पीएफ का पैसा निकाल सकते हैं। EPFO का कहना है कि अगर नियम फॉलो नहीं किए गए तो आपकी एप्लीकेशन में देरी हो सकती है या वो रिजेक्ट भी हो सकती है।
EPFO की हाउसिंग स्कीम (पैरा 68-BD) के मुताबिक, जिन कर्मचारियों ने कम से कम तीन साल की सर्विस पूरी कर ली है, वे अपने पीएफ खाते में जमा कुल रकम का 90% तक निकाल सकते हैं। शर्त यह है कि उनके पीएफ अकाउंट में 20,000 रुपये से ज़्यादा का बैलेंस होना चाहिए। वहीं, स्टैंडर्ड एडवांस (पैरा 68-B) के तहत, 5 साल की सर्विस पूरी कर चुके कर्मचारी अपनी 36 महीने की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता (DA) के बराबर या प्रॉपर्टी की असल कीमत (जो भी कम हो) तक की रकम निकाल सकते हैं।
अगर आप पीएफ के पैसे से घर खरीद रहे हैं, तो पैसा मिलने के 6 महीने के अंदर डील पूरी हो जानी चाहिए। प्रॉपर्टी आपके या आपके जीवनसाथी के साथ जॉइंट नाम पर रजिस्टर्ड होनी चाहिए। माता-पिता या भाई-बहन जैसे किसी तीसरे व्यक्ति के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने के लिए पीएफ का पैसा नहीं निकाला जा सकता। घर बनवाने वालों को पैसा निकालने के 6 महीने के अंदर कंस्ट्रक्शन शुरू करना होगा और आखिरी किस्त मिलने के 12 महीने के अंदर काम पूरा करना होगा।
आप अपना मौजूदा होम लोन चुकाने के लिए भी पीएफ का पैसा इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए आपको 3 से 10 साल की सर्विस की ज़रूरत पड़ सकती है, जो लोन देने वाली संस्था पर निर्भर करता है। आप पीएफ बैलेंस का 90% तक निकाल सकते हैं, लेकिन यह रकम आपके बकाया लोन अमाउंट से ज़्यादा नहीं हो सकती। एक और खास बात, यह पैसा आपके बैंक खाते में नहीं आएगा, बल्कि EPFO इसे सीधे लोन देने वाले बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी को ट्रांसफर करेगा। इसके लिए आपको बैंक से बकाया लोन का सर्टिफिकेट देना होगा।
प्लॉट या ज़मीन खरीदने के लिए कम से कम 5 साल की सर्विस ज़रूरी है। आप अपनी 24 महीने की बेसिक सैलरी और डीए के बराबर या ज़मीन की असल कीमत (जो भी कम हो) तक की रकम निकाल सकते हैं। यह सुविधा आपको सिर्फ एक बार ही मिलेगी।
पीएफ का पैसा आपके रिटायरमेंट के बाद की ज़िंदगी के लिए एक बड़ी आर्थिक सुरक्षा है। इसलिए, समय से पहले इसे निकालने से आपकी लंबी अवधि की बचत पर बुरा असर पड़ सकता है। उदाहरण के लिए, अगर आप 30 साल की उम्र में 5 लाख रुपये निकालते हैं, तो आप उस रकम पर मिलने वाले लंबे समय के ब्याज और कम्पाउंडिंग के फायदे से चूक जाएंगे। इसलिए, फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि पहले दूसरे विकल्पों पर विचार करें और पीएफ को आखिरी उपाय के तौर पर ही इस्तेमाल करें।
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