लैपटॉप उठाइए और गोवा निकलिए! सरकार दे रही है ये बड़ी सुविधा

Published : May 22, 2026, 08:32 PM IST
Goa

सार

Work from Goa: गोवा अब सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि सिलिकॉन वैली बनने की ओर बढ़ चुका है, जो दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों को टक्कर देने जा रहा है। सरकार ने ऐसा मास्टर प्लान तैयार किया है कि यहां बीच किनारे बैठकर आप अपना काम कर सकते हैं और अच्छे पैसे बना सकते हैं।

Goa: अगर आप भी दिल्ली, बेंगलुरु या हैदराबाद के भारी ट्रैफिक, शोर-शराबा और रोज-रोज की भागदौड़ से तंग आ चुके हैं, तो आपके लिए एक कमाल की खबर है। अब आपको काम करने के लिए किसी बंद केबिन या भीड़भाड़ वाले शहर में रहने की जरूरत नहीं है। आप सीधे समुद्र किनारे बैठकर, ठंडी हवाओं के बीच अपना लैपटॉप खोल सकते हैं। जी हां, गोवा सरकार आपके इसी सपने को सच करने के लिए एक बेहद शानदार प्लान लेकर आई है, जिसे 'Work From Goa' (गोवा से काम करो) नाम दिया गया है।

गोवा अब बनेगा टेक का नया अड्डा

अब तक हम सभी गोवा को सिर्फ छुट्टियों में घूमने, बीच पर समय बिताने और पार्टी करने की जगह मानते थे, लेकिन अब गोवा अपनी इस इमेज को बदल रहा है। गोवा के आईटी और टूरिज्म मंत्री रोहन खौंटे का कहना है कि राज्य अब केवल टूरिज्म के भरोसे नहीं बैठेगा। माइनिंग (खनन) का काम कम होने के बाद, अब गोवा सरकार टेक कंपनियों, नए स्टार्टअप्स और घर से काम करने वाले (रिमोट वर्कर्स) लोगों के लिए अपने दरवाजे खोल रही है। सरकार का मकसद बिल्कुल साफ है, आपको एक बेहतरीन लाइफस्टाइल देना, जहां काम का तनाव न हो और पर्यावरण भी साफ-सुथरा रहे।

'Work From Goa' मॉडल में आपके लिए क्या है खास?

इंटरनेट की कोई टेंशन नहीं: सरकार आने वाले सीजन तक हर जरूरी जगह पर हाई-स्पीड इंटरनेट और वाई-फाई की सुविधा देने पर काम कर रही है।

को-वर्किंग स्पेस और होमस्टे: रहने और काम करने के लिए खास तरह के होमस्टे तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए सरकार Airbnb जैसे प्लेटफॉर्म्स के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि आपको लंबे समय तक रुकने में कोई दिक्कत न आए।

गांवों का सफर: सिर्फ बीच ही नहीं, अब आप गोवा के गांवों, वहां के कल्चर, ऐतिहासिक जगहों और लजीज खाने का लुत्फ उठाते हुए भी अपना ऑफिस संभाल सकते हैं।

बेंगलुरु-हैदराबाद जैसी भीड़भाड़ नहीं होगी

गोवा सरकार का कहना है कि वो गोवा को बेंगलुरु या हैदराबाद जैसा कंक्रीट का जंगल नहीं बनाना चाहती, जहां घंटों ट्रैफिक में बीत जाएं। वे एक ऐसा 'सस्टेनेबल मॉडल' (ऐसा विकास जिससे पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे) चाहते हैं, जहां देश-विदेश के गिने-चुने और टैलेंटेड लोग आएं, काम करें और बिना किसी प्रदूषण के शांति से जिएं।

बड़ी कंपनियों और स्टार्टअप्स ने बदला अपना पता

आपको जानकर हैरानी होगी कि गोवा में इस समय करीब 800 सरकारी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं, जिनमें से 250 से ज्यादा को महिलाएं चला रही हैं। इतना ही नहीं, गोवा में अब ऐसी तकनीक पर काम हो रहा है जो पूरी दुनिया को चौंका देगी। 'सरला एविएशन' जैसी एयरोस्पेस कंपनी गोवा में उड़ने वाली इलेक्ट्रिक टैक्सियों (eVTOL) और ड्रोन की रिसर्च कर रही है। '91Springboard' (को-वर्किंग स्पेस) के प्रणय गुप्ता, 'Chalo' ऐप के मोहित दुबे और 'Wakao Foods' जैसे बड़े नाम या तो गोवा शिफ्ट हो चुके हैं या वहां अपना काम बढ़ा रहे हैं। इस जून के आखिर तक गोवा देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा, जिनकी अपनी खुद की AI (Artificial Intelligence) पॉलिसी होगी।

चुनौतियां अभी बाकी हैं, लेकिन इरादे पक्के हैं

बेशक, गोवा को पूरी तरह से एक टेक हब बनाने के लिए अभी बिजली, इंटरनेट और सड़कों जैसी बुनियादी चीजों को और मजबूत करना होगा। प्राइवेट कंपनियों से निवेश (इन्वेस्टमेंट) जुटाना भी एक बड़ा टास्क है। लेकिन सरकार इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है और आने वाले कुछ महीनों में यहां का नजारा पूरी तरह बदलने वाला है।

 

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