बढ़ती गर्मी के बीच भारत बढ़ा रहा बैटरी स्टोरेज क्षमता, शाम को नहीं होगी बिजली गुल

Published : Jun 30, 2026, 12:01 PM IST
Adani Green single-location battery storage system at Khavda, Gujarat (Photo/Adani group)

सार

HSBC की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत शाम की बिजली की मांग को पूरा करने के लिए अपनी बैटरी स्टोरेज क्षमता तेजी से बढ़ा रहा है। मौजूदा क्षमता 2.7 GW/7.5 GWh तक पहुंच गई है, जबकि 42 GWh के प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन हैं।

नई दिल्ली [भारत], 30 जून (एएनआई): HSBC ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत अपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज क्षमता में तेजी से वृद्धि कर रहा है। इससे पावर सिस्टम को शाम के समय बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिल रही है, खासकर हीटवेव के दौरान।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में ऑपरेशनल बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की क्षमता 2.7 GW/7.5 GWh तक पहुंच गई है। मई के दौरान इसमें महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है, क्योंकि डेवलपर्स रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन को सपोर्ट करने के लिए स्टोरेज प्रोजेक्ट्स में तेजी से निवेश कर रहे हैं।

स्टोरेज पाइपलाइन और भविष्य की योजनाएं

रिपोर्ट में कहा गया है, "एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शाम की पीक डिमांड को पूरा करने में तेजी से योगदान दे रहे हैं। 2 जून को रात 22:45 बजे लगभग 240GW की पीक डिमांड के समय BESS और PSP ने करीब 4.5GW का योगदान दिया।"

HSBC ने यह भी बताया कि भारत की स्टोरेज पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है, जिसमें लगभग 42 GWh के प्रोजेक्ट्स निर्माणाधीन हैं और 40 GWh के प्रोजेक्ट्स पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं। रिपोर्ट का अनुमान है कि अगले तीन वर्षों में क्षमता में भारी वृद्धि होगी, क्योंकि देश रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता का विस्तार करते हुए ग्रिड की विश्वसनीयता को भी मजबूत कर रहा है।

गर्मी और मानसून में देरी से बढ़ी बिजली की मांग

गर्मियों के महीनों में भी बिजली की मांग ऊंची बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, "जून के पहले 20 दिनों में भी बिजली की मांग में 8.5% की वृद्धि हुई, जबकि मई में 271GW के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद जून में पीक डिमांड 260GW तक पहुंच गई।"

रिपोर्ट ने बिजली की इस बढ़ी हुई मांग का कारण मानसून की बारिश में देरी और लगातार चल रही हीटवेव को बताया है, जिसके कारण कई राज्यों में कूलिंग की जरूरतें बढ़ गई हैं। इसमें यह भी कहा गया है कि मांग मजबूत होने के कारण मई के दौरान इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) पर बिजली की औसत कीमतें भी बढ़ीं।

नवीकरणीय ऊर्जा और घरेलू निर्माण

नवीकरणीय ऊर्जा के मोर्चे पर, HSBC ने कहा कि दो महीने की मजबूत वृद्धि के बाद सोलर क्षमता विस्तार में नरमी आई है, हालांकि नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में लगातार विस्तार हो रहा है। रिपोर्ट में 1 जून से सोलर सेल्स के लिए मॉडल्स और मैन्युफैक्चरर्स की अप्रूव्ड लिस्ट (ALMM) के नियमों को लागू करने पर भी प्रकाश डाला गया है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "चूंकि 1 जून 2026 से घरेलू सेल की आवश्यकता का नियम लागू हो रहा है, हम उम्मीद करते हैं कि मॉड्यूल सप्लाई और कैपेसिटी कमीशनिंग पर कुछ समय के लिए दबाव पड़ सकता है, जबकि निर्माता क्षमता बढ़ा रहे हैं।"

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भले ही घरेलू सेल की उपलब्धता में कमी से मॉड्यूल की सप्लाई और प्रोजेक्ट कमीशनिंग पर अस्थायी रूप से असर पड़ सकता है, लेकिन भारत का दीर्घकालिक नवीकरणीय ऊर्जा और स्टोरेज का दृष्टिकोण सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि इस क्षेत्र में क्षमता का विस्तार जारी है। (एएनआई)

(Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)

PREV

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

भारत का विदेशी कर्ज बढ़कर 762.8 अरब डॉलर हुआ, निजी क्षेत्र की उधारी बढ़ी
नुवामा रिपोर्ट: नियामक उपायों से पश्चिम एशिया संकट के जोखिमों से निपटेगा बैंकिंग सेक्टर