
India LPG Imports: भारत LPG की आपूर्ति को लेकर अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 2027 के सालाना कॉन्ट्रैक्ट के तहत अमेरिका से ज्यादा LPG खरीदने के लिए बातचीत कर रहा है। इसका मकसद LPG आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाना और पश्चिम एशिया पर निर्भरता कम करना है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने सरकारी स्वामित्व वाली तीन प्रमुख तेल कंपनियों—इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (HPCL)—को निर्देश दिया है कि वे 2027 के लिए भारत के LPG आयात का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा अमेरिकी टर्म कॉन्ट्रैक्ट के जरिए हासिल करें।
भारत ने इस साल की शुरुआत में पहली बार अमेरिका से करीब 22 लाख टन LPG की आपूर्ति का कॉन्ट्रैक्ट किया था। यह मात्रा भारत के कुल LPG आयात का लगभग 10 फीसदी थी। अब भारत अमेरिकी आपूर्ति को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
तीनों सरकारी रिफाइनरियों के अधिकारी आपूर्ति समझौतों पर बातचीत के लिए अमेरिका में मौजूद हैं। इन वार्ताओं का उद्देश्य लंबी अवधि के लिए LPG के नए स्रोत तैयार करना और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है।
अमेरिका अब भारत के लिए LPG का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने इस साल अब तक भारत को रिकॉर्ड करीब 39 लाख टन LPG का निर्यात किया है। भारतीय तेल कंपनियां संभावित सप्लायर्स और उनके प्रस्तावों का मूल्यांकन करने के बाद अमेरिकी LPG खरीद के लिए टेंडर जारी करने की योजना बना रही हैं।
अमेरिका से ज्यादा LPG खरीदने की योजना का संबंध सिर्फ ऊर्जा सुरक्षा से नहीं है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर भी बातचीत चल रही है। ऐसे में अमेरिकी ऊर्जा उत्पादों का आयात बढ़ने से दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पैदा हुए तनाव ने भारत की LPG आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ाई है। पश्चिम एशिया से LPG की सप्लाई में किसी भी तरह का व्यवधान भारत के लिए चुनौती बन सकता है। इसी वजह से भारत अब अपने LPG आयात के स्रोतों को ज्यादा व्यापक बनाने पर जोर दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महीने भारत में LPG की खपत पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 16 फीसदी से ज्यादा घटकर करीब 23 लाख टन रह गई। आपूर्ति में कमी के चलते कुछ घरों और कारोबारों ने LPG के स्थान पर पाइपलाइन से मिलने वाली गैस, बायोमास और केरोसिन जैसे वैकल्पिक ईंधनों का इस्तेमाल बढ़ाया।
अगर भारत अमेरिका के साथ प्रस्तावित टर्म कॉन्ट्रैक्ट के जरिए LPG आयात बढ़ाता है, तो उसे खाना पकाने की गैस के लिए एक अतिरिक्त और अपेक्षाकृत व्यापक आपूर्ति स्रोत मिल सकता है। इससे पश्चिम एशिया में किसी भी संभावित आपूर्ति व्यवधान का भारत पर असर कम करने में मदद मिल सकती है।
भारत दुनिया के बड़े तेल और गैस आयातकों में शामिल है। ऐसे में LPG जैसे जरूरी ईंधन की लगातार उपलब्धता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में है। अमेरिका से आयात बढ़ाने की रणनीति इसी व्यापक ऊर्जा सुरक्षा नीति का हिस्सा मानी जा रही है।
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