इंडोनेशिया में भी चलेगा भारत का UPI, PM मोदी ने जकार्ता में किया ऐलान

Published : Jul 07, 2026, 04:30 PM IST
Prime Minister Narendra Modi (Photo credit X/@AshwiniVaishnaw)

सार

PM मोदी ने जकार्ता दौरे पर भारत के UPI और इंडोनेशिया के पेमेंट सिस्टम को इंटीग्रेट करने का ऐलान किया है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और कारोबार मजबूत होगा। क्रॉस-बॉर्डर QR पेमेंट लिंकेज पर भी काम किया जाएगा।

नई दिल्ली [भारत], 7 जुलाई (एएनआई): भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली के साथ जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जकार्ता की अपनी यात्रा के दौरान यह घोषणा की। इस कदम से दोनों देशों के बीच सीमा पार भुगतान आसान होने और व्यापार, पर्यटन और कारोबार को मजबूती मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पीएम मोदी द्वारा की गई इस घोषणा को साझा किया।

इससे पहले आज पीएम मोदी ने द्विपक्षीय वार्ता के बाद इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ एक संयुक्त बयान को संबोधित करते हुए कहा, "भारत का यूपीआई इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली के साथ इंटीग्रेट होने जा रहा है। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ ट्रैवल दोनों को मजबूती मिलेगी।" राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने भी पुष्टि की कि दोनों देश सीमा पार क्यूआर भुगतान लिंकेज स्थापित करने पर काम करेंगे।

डिजिटल और आर्थिक सहयोग पर जोर

दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, अंतरिक्ष और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (आईओएन) के लॉन्च का भी स्वागत किया, जो भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) पर आधारित है। यह डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में गहरे सहयोग को दर्शाता है।

यूपीआई इंटीग्रेशन से दोनों देशों के यूजर्स को ज्यादा आसानी से डिजिटल भुगतान करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिससे नकदी पर निर्भरता कम होगी और यात्रियों तथा व्यवसायों के लिए लेनदेन सरल हो जाएगा। इससे भुगतान को तेज और अधिक सुविधाजनक बनाकर सीमा पार कॉमर्स को भी समर्थन मिलने की उम्मीद है।

दुनिया भर में बढ़ रहा UPI का दायरा

यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपीआई का विस्तार करने के भारत के बढ़ते प्रयासों पर आधारित है। यह पेमेंट प्लेटफॉर्म सिंगापुर, यूएई, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया और ग्रीस सहित कई देशों में पहले से ही चालू है। यह भारतीय यूजर्स को मर्चेंट पेमेंट करने और कुछ बाजारों में यूपीआई-लिंक्ड एप्लिकेशन का उपयोग करके सीधे पैसे ट्रांसफर करने में सक्षम बनाता है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) पर सहयोग के लिए 23 देशों के साथ समझौता ज्ञापनों या समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि यूपीआई सिंगापुर, यूएई, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में पहले से ही लाइव है।

मंत्रालय ने कहा है कि यूपीआई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनाए जाने से वैश्विक डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है। इंडोनेशिया के साथ इंटीग्रेशन से दोनों देशों के बीच डिजिटल आर्थिक सहयोग गहरा होने की उम्मीद है, साथ ही यह यूपीआई को विश्व स्तर पर स्वीकृत भुगतान प्लेटफॉर्म बनाने के भारत के व्यापक प्रयास का समर्थन करता है। इस पहल से व्यवसायों, पर्यटकों और भारतीय प्रवासियों को भी लाभ होने की संभावना है, क्योंकि इससे सीमा पार लेनदेन सहज और अधिक कुशल हो जाएगा। (एएनआई)

(Except for the headline, this story has not been edited by Asianetnews Editorial staff and is published from a syndicated feed.)

PREV

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

सेंट्रल ऑटोनॉमस बॉडीज के कर्मचारियों को NPS में अब मिलेंगे नए शानदार ऑप्शन
देश में बिजली संकट की बदली वजह, अब क्षमता नहीं फ्लेक्सिबिलिटी बनी बड़ी चुनौती