
मुंबई (महाराष्ट्र) [भारत], 30 जून (एएनआई): भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली, जबकि दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी की घोषणा के बाद एथर एनर्जी और ओला इलेक्ट्रिक जैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) शेयरों में जोरदार तेजी आई। यह पॉलिसी इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने और हवा की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से लाई गई है। निफ्टी 80.50 अंक या 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,865.75 पर बंद हुआ, जो 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया। वहीं, सेंसेक्स 249.70 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,478.67 पर बंद हुआ।
हालांकि, ब्रॉडर मार्केट में मजबूती बनी रही। निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.02 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.37 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
ईवी पर फोकस करने वाली कंपनियों में, ओला इलेक्ट्रिक के शेयर 8.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 43.76 रुपये प्रति शेयर पर हरे निशान में बंद हुए, जबकि एथर एनर्जी के शेयर 5.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,140.55 रुपये पर बंद हुए। यह तेजी दिल्ली सरकार द्वारा सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता में सुधार और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाने के लिए अपनी ईवी पॉलिसी का अनावरण करने के बाद आई।
इसके विपरीत, कई पारंपरिक ऑटोमोबाइल शेयरों पर दबाव बना रहा। हीरो मोटोकॉर्प में 0.30 प्रतिशत, भारत फोर्ज में 0.96 प्रतिशत और आयशर मोटर्स में 4.38 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं, टाटा मोटर्स में 1.87 प्रतिशत और बॉश में 0.29 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
निफ्टी मिडस्मॉल हेल्थकेयर 1.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप सेक्टोरल गेनर रहा। इसके बाद निफ्टी केमिकल्स (1.42 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (1.31 प्रतिशत) और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (1.16 प्रतिशत) का स्थान रहा। बीएसई पर मारुति, टाइटन, बजाज फाइनेंस, इटरनल, अडानी पोर्ट्स, भारती एयरटेल, इंडिगो, ट्रेंट और एनटीपीसी प्रमुख गेनर्स में शामिल थे। वहीं, इंफोसिस, आईटीसी, एचसीएल टेक, टीसीएस और टाटा स्टील टॉप लूजर्स में रहे, जिसमें आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक गिर गया।
रुपया डॉलर के मुकाबले 94.66 पर बंद हुआ, जबकि पिछला बंद 94.54 पर था। यह मार्च 2025 के बाद इसकी पहली तिमाही-दर-तिमाही बढ़त है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट दिलीप परमार ने कहा, "भारतीय रुपये में लगातार तीसरे सत्र में गिरावट आई, जिसका कारण ग्रीनबैक में लगातार सुरक्षित निवेश और मजबूत कॉर्पोरेट डॉलर की मांग रही। वैश्विक बाजारों में व्यापक जोखिम से बचने की भावना घरेलू मुद्रा पर दबाव बनाए हुए है।"
एनालिस्ट के अनुसार, "स्पॉट USDINR को 95.10 पर तत्काल प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है, जबकि 94.40 से नीचे की गिरावट एक महत्वपूर्ण समर्थन के रूप में काम करेगी।"
बाजार विश्लेषक विपिन दिक्सेना ने कहा, "निफ्टी 24,000 से नीचे बंद हुआ है और मुनाफावसूली व सेक्टोरल बिकवाली के बीच व्यापक धारणा सतर्क हो गई है। यह अभी भी एक कंसोलिडेशन का दौर है, न कि ट्रेंड रिवर्सल।"
दिक्सेना के अनुसार, ईवी शेयरों ने गिरे हुए बाजार में भी सापेक्ष मजबूती दिखाई है, जो लंबी अवधि के विश्वास का संकेत है। दिक्सेना ने कहा, "मैक्रो स्टोरी बरकरार है, लेकिन अगली तेजी से पहले सेंटिमेंट को रीसेट होने के लिए 1-2 सत्रों की जरूरत है।" (एएनआई)
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