Crypto Trading: क्रिप्टो लेनदेन पर इनकम टैक्स का 'रेड सिग्नल', निवेशक सावधान!

Published : Jan 12, 2026, 10:54 AM IST
Crypto Trading: क्रिप्टो लेनदेन पर इनकम टैक्स का 'रेड सिग्नल', निवेशक सावधान!

सार

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्रिप्टो को आर्थिक सुरक्षा व टैक्स कलेक्शन के लिए खतरा बताया है। इसके गुमनाम लेनदेन से टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग का जोखिम है। इसे रोकने के लिए सरकार ने TDS जैसे नियम लागू कर निवेशकों को इससे दूर रहने की सलाह दी है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट्स को लेकर चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने एक संसदीय समिति को बताया कि क्रिप्टो लेनदेन देश की आर्थिक सुरक्षा और टैक्स कलेक्शन के लिए एक बड़ी चुनौती है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अब एक ऐसी रिपोर्ट जारी की है, जो आरबीआई द्वारा पहले से जताई गई आपत्तियों की पुष्टि करती है।

पकड़ में न आने वाला पैसों का लेन-देन

क्रिप्टो लेनदेन का खास तरीका ही अधिकारियों को परेशान कर रहा है। पैसा भेजने वाले और पाने वाले कौन हैं, इसका पता लगाना मुश्किल है। बैंकों जैसे बिचौलियों के बिना, कुछ ही सेकंड में पैसा सीमाओं के पार भेजा जा सकता है। यह टैक्स चोरी और गैर-कानूनी मनी लॉन्ड्रिंग का रास्ता खोलता है। अधिकारियों का मानना है कि क्रिप्टो देश के कानूनी सिस्टम को धोखा देकर विदेशों में पैसा भेजने में मदद करता है।

विदेशी एक्सचेंज बन रहे विलेन

कई क्रिप्टो एक्सचेंज विदेशी देशों से काम करते हैं। भारत के बाहर के प्लेटफॉर्म्स और प्राइवेट वॉलेट्स के जरिए होने वाले लेनदेन पर नजर रखना फिलहाल मुश्किल है। यह पता लगाना बहुत कठिन है कि इसका असली फायदा किसे मिल रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दूसरे देशों के साथ जानकारी साझा करने में अब भी कई रुकावटें हैं।

सुरक्षा का खतरा और चिंता

रिज़र्व बैंक ने पहले ही चेतावनी दी थी कि क्रिप्टोकरेंसी के पीछे सोने या किसी और संपत्ति की कोई सिक्योरिटी नहीं होती। इससे निवेशकों का पैसा डूब सकता है। इसके अलावा, जांच एजेंसियों को डर है कि ऐसे डिजिटल एसेट्स का बड़े पैमाने पर आतंकवादी गतिविधियों और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

अधिकारी कस रहे हैं शिकंजा

गैर-कानूनी लेनदेन को रोकने के लिए सरकार ने पहले ही कुछ कड़े कदम उठाए हैं:

टीडीएस: क्रिप्टो लेनदेन को ट्रैक करने के लिए अनिवार्य टीडीएस नियम लाए गए हैं।

रजिस्ट्रेशन: भारत में क्रिप्टो का कारोबार करने वाली कंपनियों को फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है।

विदेशों से काम करने वाले प्लेटफॉर्म्स को नोटिस भेजना या उनसे टैक्स वसूलना फिलहाल मुश्किल है। सरकार इन कमियों को दूर करके क्रिप्टो बाजार को और ज्यादा पारदर्शी बनाना चाहती है। फिर भी, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आम निवेशकों को साफ तौर पर यह सलाह दे रहा है कि वे ऐसे अस्थिर निवेश से दूर रहें।

PREV

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Business Idea: 1 लाख रुपए लगाएं, रोज 2 हजार कमाएं, 6 महीने में बनें लखपति
PF Rules: नौकरी छोड़ते ही PF निकाल लिया? ये गलती आपको भारी पड़ सकती है