
Jio Platforms IPO GMP: रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की डिजिटल सर्विस कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का देश का सबसे बड़ा आईपीओ आम इन्वेस्टर्स के लिए 21 अक्टूबर से खुलने वाला है। लेकिन पब्लिक के लिए ओपन होने से पहले ही शेयर बाजार के ग्रे मार्केट में इसके प्रीमियम (GMP) ने तहलका मचा दिया है। अगर आप भी शेयर बाजार में दांव लगाकर कमाई का मौका ढूंढ रहे हैं, तो आइए जानते हैं इस IPO की पूरी डिटेल, जरूरी डेट्स और आपकी जेब में आने वाले मुनाफे का पूरा गणित..
IPO खुलने की तारीख: 21 अक्टूबर
IPO बंद होने की तारीख: 23 अक्टूबर
एंकर निवेशकों के लिए: 19 अक्टूबर को ही बिडिंग विंडो खुल चुकी है।
कितना पैसा लगाना होगा: एक लॉट (12 शेयर) के लिए आपको कम से कम ₹13,428 का निवेश करना होगा।
अलॉटमेंट और लिस्टिंग: शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर को होने की उम्मीद है और शेयर बाजार में यह 28 अक्टूबर को लिस्ट होगा।
इस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में निवेशकों का गजब का रिस्पॉन्स दिख रहा है और 19 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ का जीएमपी (Jio Platforms IPO GMP) 250 रुपए तक पहुंच गया है। शेयर का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 के बीच तय किया है। अगर ₹1,119 (अपर प्राइस) में ₹250 (GMP) जोड़ दें, तो एक शेयर ₹1,369 के आसपास लिस्ट हो सकता है। ये करीब 22.34% का प्रीमियम है। रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं। यानी अगर आपको एक लॉट मिल जाता है, तो लिस्टिंग के दिन करीब ₹3,000 (12 शेयर x ₹250 प्रीमियम) का फायदा हो सकता है। लेकिन ग्रे मार्केट प्रीमियम सिर्फ निवेशकों के मूड का एक अनौपचारिक संकेत है, यह लिस्टिंग प्राइस की कोई गारंटी नहीं देता है।
ये भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ है। जियो प्लेटफॉर्म्स इसके जरिए 30,213 करोड़ रुपए जुटाने जा रही है। इसमें 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। कंपनी इस फंड में से 27,500 करोड़ रुपए का इस्तेमाल अपनी सब्सिडियरी कंपनी 'रिलायंस जियो इन्फोकॉम' का कर्ज चुकाने के लिए करेगी। बाकी का पैसा कॉरपोरेट कामों में लगाया जाएगा। जियो प्लेटफॉर्म्स मोबाइल कनेक्टिविटी, 5G, ब्रॉडबैंड, गेमिंग और AI जैसी सर्विसेज देती है। जून 2026 तक कंपनी के पास 53.3 करोड़ से ज्यादा ग्राहक हैं, जिनमें 28.5 करोड़ 5G यूजर्स हैं। कंपनी का रेवेन्यू FY24 के ₹1,09,558 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹1,46,885 करोड़ हो गया है। वहीं, शुद्ध मुनाफा (PAT) भी ₹21,423 करोड़ से बढ़कर ₹30,049 करोड़ हो गया है।
ब्रोकरेज फर्म रेलिगेयर ब्रोकिंग (Religare Broking) ने कंपनी के बड़े नेटवर्क, 5G और AI ग्रोथ को देखते हुए इस आईपीओ को लॉन्ग टर्म के लिए 'सब्सक्राइब' करने की सलाह दी है। हालांकि, रिस्क फैक्टर ये भी है कि कंपनी अपनी कमाई के लिए काफी हद तक रिलायंस जियो इन्फोकॉम पर निर्भर है। इसके अलावा नए टेलीकॉम नियम और सैटेलाइट ब्रॉडबैंड कंपनियों से मिलने वाली कड़ी टक्कर आने वाले समय में इसके लिए चुनौती बन सकती है।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए। इसे किसी भी तरह की निवेश की सलाह न माना जाए। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) सिर्फ निवेशकों के रुझान का एक अनौपचारिक (Unofficial) संकेत है और ये लिस्टिंग प्राइस की कोई गारंटी नहीं देता है। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश करने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।
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