
Food Inflation: त्योहारी सीजन की दस्तक के साथ ही आम आदमी की जेब पर महंगाई की बड़ी मार पड़ी है। घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाली लगभग हर जरूरी चीज महंगी हो गई है। बात चाहे चीनी की मिठास की हो या दाल-चावल जैसे मुख्य भोजन की, सबके दाम आसमान छू रहे हैं।
इस महंगाई ने लोगों के महीने का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया है। एक तरफ त्योहारों के खर्चे सिर पर हैं, तो दूसरी तरफ रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी एक चुनौती बनता जा रहा है। यानी कुल मिलाकर, आम आदमी के लिए यह दोहरी मार जैसा है।
त्योहारों का मतलब ही होता है पकवान और मिठाइयां, लेकिन इस बार चीनी की बढ़ती कीमतों ने मिठास में कड़वाहट घोल दी है। चीनी के दाम बढ़ने का सीधा असर घर पर बनने वाली मिठाइयों से लेकर बाजार में मिलने वाले हर मीठे सामान पर पड़ रहा है। यह festive season के उत्साह को फीका करने जैसा है।
इसके साथ ही, अरहर दाल और चावल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। दाल-चावल करोड़ों भारतीय परिवारों का मुख्य आहार है। जब थाली की ये सबसे बुनियादी चीजें ही महंगी हो जाएं, तो समझा जा सकता है कि घर चलाना कितना मुश्किल हो जाता है।
मामला सिर्फ अनाज और चीनी तक ही सीमित नहीं है। रसोई की दो सबसे अहम सब्जियां, आलू और प्याज, भी महंगी हो गई हैं। भारत में शायद ही कोई ऐसी सब्जी बनती हो जिसमें प्याज और आलू का इस्तेमाल न होता हो।
इनके दाम बढ़ने का मतलब है कि सब्जी बनाने की लागत ही बढ़ गई है। जब तड़के का आधार ही महंगा हो जाए, तो फिर बाकी सब्जियों का जायका भी फीका लगने लगता है। यह एक ऐसी बढ़ोतरी है जो सीधे तौर पर हर दिन के खाने को प्रभावित करती है।
कुल मिलाकर, चीनी से लेकर दाल, चावल, आलू और प्याज तक, एक साथ कई मोर्चों पर महंगाई ने आम आदमी को घेर लिया है। अब सवाल यह है कि त्योहारों की खुशियों और रसोई की जरूरतों के बीच आम इंसान संतुलन कैसे बिठाएगा।
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