
LIC Share Buy or Sell: मंगलवार, 4 अगस्त को देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC के शेयरों ने जमकर हलचल मचाई। कारोबार के दौरान एलआईसी (लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया) का शेयर अचानक करीब 9% तक टूट गया। जिन लोगों के पास पहले से यह शेयर है, उनके मन में डर है कि क्या घाटा बुक करके निकल जाएं? वहीं, नए लोग यह सोच रहे हैं कि क्या सस्ते दाम पर दांव लगाने का यह सही मौका है? आइए जानते हैं अचानक यह गिरावट क्यों आई, कंपनी के अंदर क्या चल रहा है और आगे आपको क्या रणनीति अपनानी चाहिए...
1. सरकार ला रही है OFS
केंद्र सरकार ने एलआईसी में अपनी 6.5% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। सरकार करीब 82.22 करोड़ शेयर बेचकर लगभग 31,000 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। यानी सरकार OFS (ऑफर फॉर सेल) ला रही है। नॉन-रिटेलर निवेशकों के लिए यह ऑफर मंगलवार को ही खुल गया है, जबकि रिटेल निवेशकों के लिए यह विंडो बुधवार, 5 अगस्त को खुलेगी। सरकार ने बिक्री के लिए 382 रुपए प्रति शेयर का बेस प्राइस तय किया है। जब भी कोई बड़ी हिस्सेदारी मौजूदा बाजार भाव से कम दाम पर बेची जाती है, तो शेयर बाजार में उस स्टॉक का भाव नीचे आता है।
OFS क्या होता है?
OFS यानी ऑफर फॉर सेल (Offer for Sale) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें प्रमोटर या सरकार अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचती है। इससे कंपनी को नहीं बल्कि शेयर बेचने वाले पक्ष को पैसा मिलता है। इसका मतलब यह नहीं होता कि कंपनी का कारोबार खराब हो गया है। कई बार सरकार अपनी हिस्सेदारी कम करने या विनिवेश के लिए भी OFS लाती है।
2. UP GST विभाग का ₹95.23 करोड़ का जुर्माना
गिरावट की दूसरी वजह टैक्स से जुड़ी एक खबर है। उत्तर प्रदेश के जीएसटी अधिकारियों ने एलआईसी पर करीब ₹95.23 करोड़ का जुर्माना और पेनल्टी ठोंकी है। यह मामला गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने और कम टैक्स जमा करने से जुड़ा है। हालांकि, एलआईसी ने साफ किया है कि इस जुर्माने से कंपनी के कामकाज या वित्तीय स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा और वे इसके खिलाफ अपील करेंगे।
अगर आप कंपनी के फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड को देखें, तो एलआईसी कमाई के मामले में देश की सबसे मजबूत कंपनियों में से एक है। वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) की आखिरी तिमाही (जनवरी-मार्च) में एलआईसी का शुद्ध मुनाफा 23% बढ़कर 23,420 करोड़ रुपए पर पहुंच गया था। पूरी बैंकिंग और फाइनेंशियल इंडस्ट्री में एलआईसी सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने वाली कंपनी रही है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने कुल 57,419 करोड़ रुपए का नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। अब 6 अगस्त को कंपनी अपनी पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे घोषित करने वाली है, जिससे आगे की चाल और साफ होगी।
अगर आप नए खरीदार हैं
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, 382 रुपए के फ्लोर प्राइस पर सरकार का शेयर बेचना उन लोगों के लिए एक मौका हो सकता है, जो लॉन्ग टर्म (Long Term) के लिए निवेश करना चाहते हैं। 6 अगस्त को आने वाले तिमाही नतीजों पर नजर रखें, क्योंकि नतीजे अच्छे रहे तो शेयर में रिकवरी देखने को मिल सकती है।
अगर आप पहले से निवेशक हैं और नुकसान में हैं
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, जल्दबाजी में पैनिक सेलिंग (डरकर शेयर बेचना) से बचें। एलआईसी देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है और इसका बिजनेस मॉडल काफी मजबूत है। अगर आपका नजरिया 2 से 3 साल या उससे ज्यादा का है, तो होल्ड करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है।
अगर आप शॉर्ट-टर्म ट्रेडर हैं
जब तक OFS का सेटलमेंट पूरा नहीं होता और 6 अगस्त के नतीजे सामने नहीं आते, तब तक शेयर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सोर्स और कंपनी द्वारा जारी अपडेट्स पर आधारित है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी शेयर को खरीदने, बेचने या होल्ड करने का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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