
LPG Price: 1 अगस्त से आपकी रसोई का बजट बिगड़ सकता है। भारत की तेल कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल (Indian Oil), एचपीसीएल (HPCL) और बीपीसीएल (BPCL) हर महीने की पहली तारीख को 5 किलो, 10 किलो, 14.2 किलो और 19 किलो वाले LPG सिलेंडरों के नए रेट तय करती हैं। इस बार अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर कच्चे तेल की कीमत तक कई ऐसे संकेत मिल रहे हैं, जिनकी वजह से गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, अभी तक कंपनियों ने कीमत बढ़ाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन 5 ऐसे बड़े फैक्टर्स हैं, जो संकेत दे रहे हैं कि पहली अगस्त से सिलेंडर के दाम बढ़ सकते हैं।
गैस सिलेंडर के दाम सीधे तौर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों से जुड़े होते हैं। कुछ ही समय पहले जो कच्चा तेल 72.50 डॉलर के आसपास बिक रहा था, वह 23 जुलाई 2026 को तेजी से बढ़कर 98 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। जानकारों का मानना है कि यह जल्द ही 100 डॉलर तक भी जा सकता है। अगर कच्चा तेल लंबे समय तक महंगा रहता है, तो इसका असर LPG समेत दूसरे पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की लागत पर भी पड़ सकता है। जुलाई की शुरुआत में कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत कम थीं, इसलिए घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया था और कमर्शियल सिलेंडर सस्ता हुआ था। लेकिन अब हालात अलग हैं। पिछले कुछ हफ्तों में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। इसी वजह से अगस्त के रेट पर सबकी नजर है।
पूरी दुनिया में तेल सप्लाई करने वाले देशों में अभी भारी उथल-पुथल मची हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार कई दिनों से तनाव और हवाई हमले चल रहे हैं। इससे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) वाले रास्ते से तेल के जहाजों का गुजरना बहुत रिस्की हो गया है। जब सप्लाई में ऐसी रुकावट आती है, तो चीजें अपने आप महंगी हो जाती हैं।
भारत अपनी जरूरत का 85% तेल मिडिल ईस्ट और अमेरिका जैसे देशों से खरीदता है। देश के 140 करोड़ लोगों में से करीब 60% आबादी खाना बनाने के लिए मुख्य रूप से LPG पर निर्भर है। इनमें से 90% सप्लाई उसी होर्मुज वाले समुद्री रास्ते से आती है, जहां अभी युद्ध का सबसे ज्यादा खतरा है।
हम विदेशों से जो भी कच्चा तेल मंगाते हैं, उसका पेमेंट अमेरिकी डॉलर (US Dollars) में करना पड़ता है। जब ग्लोबल मार्केट में तेल महंगा होता है, तो भारत को ज्यादा डॉलर चुकाने पड़ते हैं। इससे हमारे रुपए पर दबाव पड़ता है और भारत के लिए आयात (Import) और भी ज्यादा महंगा हो जाता है। इसका सीधा असर आखिर में ग्राहकों की जेब पर पड़ता है।
सस्ते रूसी तेल से मिलने वाली राहत पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। अमेरिकी संसद (US Senate) एक नया बिल ला रही है। अगर यह बिल पास हो गया, तो भारत और चीन जैसे देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाया जा सकता है, ताकि वे रूस से तेल और गैस खरीदना बंद कर दें।
दिल्ली- 942 रुपए
मुंबई- 941.50 रुपए
कोलकाता- 968 रुपए
चेन्नई- 957.50 रुपए
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल उपलब्ध रिपोर्ट्स, अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। 1 अगस्त को LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी या कमी को लेकर तेल कंपनियों (Indian Oil, HPCL और BPCL) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। आर्टिकल में बताई गई बातें संभावित परिस्थितियों और बाजार के संकेतों पर आधारित हैं। अंतिम और मान्य कीमतें सिर्फ कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक रेट ही होंगी। कृपया किसी भी निर्णय से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय गैस एजेंसी से जानकारी जरूर जांच लें।
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