Gold-Silver Price Today: सुबह-सुबह सोना और चांदी हुए सस्ते, क्या आगे भी जारी रहेगी गिरावट?

Bimla Kumari   | CMS
Published : Sep 07, 2026, 11:59 AM IST
Gold-Silver Price Today

सार

Silver Price Today: MCX पर 7 सितंबर सुबह सोना 0.30% गिरकर ₹1,52,315/10 ग्राम और चांदी 0.33% टूटकर ₹2,36,885/किलो हुई। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.75% गिरकर $4,436.49/औंस, डॉलर इंडेक्स में मामूली मजबूती। अमेरिकी रोजगार वृद्धि, 4.1% बेरोजगारी दर और संभावित फेड दर बढ़ोतरी से दबाव।

Gold Price Today: घरेलू बाजार में कमजोर मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले नरम संकेतों के बीच सोमवार, 7 सितंबर को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुएं दबाव में रहीं। अमेरिका से आए उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बाजार की चिंता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर दिखाई दिया।

सुबह के कारोबार में डॉलर इंडेक्स में हल्की मजबूती रही। इसके साथ ही निवेशकों ने जोखिम वाली परिसंपत्तियों और सुरक्षित निवेश के बीच अपने पोर्टफोलियो में बदलाव किया। बाजार में इसी हलचल का असर कीमती धातुओं पर भी पड़ा।

सुबह के कारोबार में सोना-चांदी का हाल

सोमवार सुबह करीब 9:15 बजे MCX पर सोने की कीमत 0.30 प्रतिशत गिरकर 1,52,315 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। इसी दौरान चांदी भी 0.33 प्रतिशत टूटकर 2,36,885 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव देखने को मिला। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स करीब 0.75 प्रतिशत फिसलकर 4,436.49 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गया। डॉलर में मजबूती को कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है, क्योंकि इससे अन्य मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है।

अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी की बड़ी वजह अमेरिका से आए रोजगार आंकड़े रहे। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में अमेरिकी रोजगार वृद्धि उम्मीद से बेहतर रही। वहीं बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रही।

मजबूत श्रम बाजार से यह संकेत मिला कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी भी अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है। ऐसे में निवेशकों के बीच फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू हो गई है।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी या लंबे समय तक ऊंची दरें बने रहने की आशंका आम तौर पर सोने पर दबाव डालती है, क्योंकि इससे बिना ब्याज वाले निवेश के रूप में सोने की आकर्षकता कम हो सकती है।

6 प्रतिशत तक पहुंची दर बढ़ोतरी की उम्मीद

एलपीएल फाइनेंशियल के मुख्य अर्थशास्त्री जेफरी रोच के मुताबिक, अगस्त में रोजगार में 1,62,000 की बढ़ोतरी हुई, जबकि जुलाई के आंकड़े में भी ऊपर की ओर संशोधन किया गया। उनके अनुसार, मजबूत रोजगार रिपोर्ट फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के कुछ सदस्यों को दरों को लेकर सख्त रुख अपनाने की ओर ले जा सकती है।

मास्टर कैपिटल सर्विसेज के मुख्य रिसर्च अधिकारी रवि सिंह ने भी कहा कि अमेरिकी पेरोल आंकड़े उम्मीद से काफी बेहतर रहे। उनके अनुसार, बाजार में सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है।हालांकि, ब्याज दरों को लेकर अंतिम फैसला अमेरिकी महंगाई और अन्य आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा।

डॉलर और बॉन्ड यील्ड से सोने पर दबाव

विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर में मजबूती सोने की कीमतों के लिए अतिरिक्त दबाव पैदा कर रही है। जब अमेरिकी बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है, तो निवेशकों के लिए सोने की तुलना में बॉन्ड अधिक आकर्षक हो सकते हैं। दूसरी ओर, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई से जुड़े जोखिम को बनाए हुए हैं। ऐसे में बाजार की नजर अब आने वाले अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिक गई है।

PPI और CPI आंकड़े होंगे बेहद अहम

इस सप्ताह अमेरिका में उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े जारी होने वाले हैं। इन आंकड़ों से यह संकेत मिल सकता है कि अमेरिका में महंगाई किस दिशा में बढ़ रही है।

अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो फेडरल रिजर्व की ओर से सख्त मौद्रिक नीति जारी रहने की आशंका बढ़ सकती है। वहीं कमजोर महंगाई आंकड़े ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीद पैदा कर सकते हैं, जिसका असर सोने और चांदी की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

भू-राजनीतिक तनाव पर भी बाजार की नजर

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी बाजार के लिए अहम बना हुआ है। रविवार को अमेरिकी सेना ने ईरान के उस दावे को खारिज किया जिसमें होर्मुज में एक अमेरिकी ड्रोन शिप को निशाना बनाने की बात कही गई थी।

वहीं, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की स्थिति को लेकर कड़ा बयान दिया है। ऐसे भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर समर्थन मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल डॉलर की मजबूती और अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने इस समर्थन को सीमित किया हुआ है।

अब किस दिशा में जाएंगे सोना-चांदी?

फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों पर कई कारकों का एक साथ असर पड़ रहा है। एक तरफ मजबूत अमेरिकी रोजगार आंकड़े, डॉलर और बॉन्ड यील्ड कीमतों पर दबाव बना रहे हैं, तो दूसरी तरफ भू-राजनीतिक तनाव सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की मांग को सहारा दे सकता है।

आने वाले दिनों में अमेरिकी CPI और PPI आंकड़े, फेडरल रिजर्व का रुख और डॉलर की चाल सोने-चांदी की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। घरेलू बाजार में भी निवेशकों की नजर इन वैश्विक संकेतों के साथ MCX की चाल पर बनी रहेगी।

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