
Holi Train Tickets : रंग-बिरंगी होली का त्योहार आने वाला है। शहर में जॉब करने वाले अपने गांव-घर जाने की तैयारी कर रहे हैं। रेलवे में सीट फुल हो चुकी है। लंबी-लंबी वेटिंग देखने को मिल रही है। ऐसे में हर कोई जुगाड़ लगाने में जुटा है। हालांकि, लोगों की जरूरतों को देखते हुए भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों से होली स्पेशल ट्रेनें (Holi Special Trains) चलानी शुरू कर दी है, लेकिन इससे भी उनकी परेशानी खत्म नहीं हुआ है, जिनका टिकट वेटिंग में है। उनका टिकट कंफर्म होगा या नहीं, ऑफिस से छुट्टी ले या नहीं यही उलझन बनी हुई है। ऐसे में चलिए जानते हैं वो तरीका, जिससे आप पता लगा सकते हैं कि आपका ट्रेन टिकट कंफर्म हो सकता है या नहीं?
ट्रेन के एक स्लीपर कोच में 72 सीटें होती हैं। रेल मंत्रालय (Ministry of Railways) के अनुसार, ट्रेनों में कुल कंफर्म रिजर्वेशन में से करीब 21% पैसेंजर सफर नहीं करते हैं। वे अपना टिकट कैंसिल करा देते हैं। इस तरह सामान्य टिकट 21% तक कंफर्म होने का चांस रहता है। अपने वेटिंग नंबर से आप इसे आसानी से कैलकुलेट कर सकते हैं। इस हिसाब से हर कोच का औसतन वेटिंग नंबर 14 तक कंफर्म हो सकता है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, ट्रेन का चार्ट बनने के बाद 4 से 5 प्रतिशत लोग सफर नहीं करते हैं। इस तरह 21 प्रतिशत और 4 प्रतिशत मिलाकर यह 25 प्रतिशत पहुंचता है। इतना वेटिंग टिकट कंफर्म हो सकता है। इसका अंदाजा आप अपने टिकट वेटिंग नंबर से लगा सकते हैं।
ज्यादातर लंबी दूरी की ट्रेनों के 10 स्लीपर कोच होते हैं। हर में 18-18 वेटिंग सीटें कंफर्म होने का चांस रहता है। इस हिसाब से कैलकुलेशन कहता है कि 180 वेटिंग नंबर तक टिकट कंफर्म हो सकता है। ठीक यही तरीका एसी कोच में भी अपना सकते हैं। इस तरह आप पता लगा सकते हैं कि होली पर आपका टिकट कंफर्म होने की कितनी संभावना है। हालांकि, इस बात का भी ध्यान रखें कि फेस्टिव सीजन में बहुत से लोग कंफर्म टिकट कम ही कैंसिल करवाते हैं। इससे आंकड़ा आगे-पीछे भी हो सकता है।
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