
EPFO New Rule: अगर आप नौकरी करते हैं और हर महीने आपकी सैलरी से PF कटता है, तो सितंबर महीने का रिकॉर्ड एक बार जरूर चेक कर लें। हो सकता है आपकी सैलरी से पीएफ का पैसा कट गया हो, लेकिन आपके खाते में जमा रकम को लेकर आपको जानकारी न हो। ऐसे में सिर्फ सैलरी स्लिप देखना काफी नहीं है। आपको अपनी सैलरी स्लिप और EPFO पासबुक, दोनों का मिलाना चाहिए। दरअसल, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने सितंबर 2026 के पीएफ रिटर्न को जमा करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026 कर दी है। इस बदलाव के बाद कंपनियों को सितंबर की सैलरी और PF कॉन्ट्रिब्यूशन का हिसाब सही तरीके से मिलाने के लिए ज्यादा समय मिला है। इस बार मामला थोड़ा अलग है, क्योंकि PF की वेज सीलिंग में बदलाव किया गया है। ऐसे में कर्मचारियों को 2 चीजें जरूर चेक कर लेनी चाहिए।
दरअसल, पीएफ काटने का नियम बीच महीने में बदल गया। 17 सितंबर से पहले पीएफ का कैलकुलेशन मैक्सिमम ₹15,000 की बेसिक सैलरी पर होती थी। 17 सितंबर को सरकार ने एक नया नियम लागू कर दिया और इस लिमिट को बढ़ाकर ₹25,000 कर दिया। ऐसे में कंपनियों के पेरोल सॉफ्टवेयर और एक्सेल शीट इस बदलाव से कन्फ्यूज हो गए। कंपनियों को समझ नहीं आ रहा था कि पीएफ पुरानी लिमिट (15 हजार) के हिसाब से काटें या नई लिमिट (25 हजार) के हिसाब से। इसी कन्फ्यूजन को दूर करने और सही कैलकुलेशन के लिए EPFO ने कंपनियों को पीएफ रिटर्न (ECR) जमा करने की आखिरी तारीख 15 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दी है।
1. सैलरी स्लिप में PF के नाम पर कितने रुपए कटे?
सबसे पहले सितंबर महीने की अपनी सैलरी स्लिप निकालें। उसमें PF या EPF एम्प्लॉई कॉन्ट्रीब्यूशन (Employee Contribution) के नाम से पैसे देखें। अब ये समझें कि आपकी सैलरी में पीएफ के लिए कितनी रकम काटी गई है। आमतौर पर कर्मचारी का योगदान PF के लिए तय सैलरी के आधार पर होता है, लेकिन हर कर्मचारी के मामले में एक जैसा हिसाब लागू हो, ये जरूरी नहीं है।
2. EPFO पासबुक में पैसा और कॉन्ट्रीब्यूशन की एंट्री देखें
चेक करें कि महीने के पहले 16 दिनों के लिए आपका पीएफ पुराने नियम यानी ₹15,000 की लिमिट के आधार पर ही कटा है या नहीं। ये भी देखें कि 17 सितंबर के बाद वाले दिनों के लिए कंपनी ने पीएफ नई ₹25,000 की लिमिट के हिसाब से काटा है या नहीं। ये उनके लिए है जिनकी बेसिक सैलरी 15 हजार से ज्यादा है। ये ध्यान रखें कि कंपनी का योगदान EPF और EPS जैसे अलग-अलग हिस्सों में बंट सकता है। इसलिए कंपनी की ओर से जमा कुल रकम और EPF खाते में दिखने वाली रकम हमेशा एक जैसी नहीं होगी। अगर सितंबर की एंट्री अभी नहीं दिख रही है, तो इसका मतलब ये अपने आप नहीं है कि कंपनी ने PF जमा नहीं किया। रिकॉर्ड अपडेट होने में समय लग सकता है। पहले संबंधित महीने का रिकॉर्ड और कंपनी की जानकारी चेक करें।
अगर कंपनी ने पूरे महीने का पीएफ पुरानी 15 हजार की लिमिट पर काट लिया, तो आपके पीएफ अकाउंट में कम पैसा जमा होगा और आपका रिटायरमेंट फंड नुकसान में रहेगा। अगर कंपनी ने आंख बंद करके पूरे महीने पर नया 25 हजार वाला नियम लगा दिया, तो आपकी इन-हैंड सैलरी (Take-home pay) बेवजह कम हो जाएगी। इसीलिए आपको अपनी पासबुक की एंट्री को अपनी सितंबर की सैलरी स्लिप से जरूर मैच करना चाहिए।
अगर आप किसी ऐसी बड़ी कंपनी में काम करते हैं जिसका अपना खुद का 'प्राइवेट PF ट्रस्ट' है (यानी वो सीधे EPFO को पैसा नहीं देते), तो उनके लिए भी सरकार ने एक 'एमनेस्टी स्कीम 2026' (Amnesty Scheme) निकाली है। अगर इन प्राइवेट ट्रस्ट के कागजों या नियमों में कोई पुरानी गड़बड़ी है, तो सरकार ने उन्हें 28 दिसंबर 2026 तक अपनी गलतियां सुधारने का मौका दिया है। यह कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है क्योंकि इससे उनके फंड की सुरक्षा और पक्की हो जाएगी।
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