
नई दिल्ली [भारत], 10 जुलाई (एएनआई): कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत के निजी जीवन बीमा क्षेत्र ने जून 2026 में अपनी स्वस्थ विकास गति बनाए रखी। टियर-II बीमा कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन के दम पर कुल वार्षिक प्रीमियम समतुल्य (APE) ग्रोथ सालाना आधार पर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इंडस्ट्री-वाइड APE ग्रोथ मई में 11-12 प्रतिशत के मुकाबले जून में सुधरकर 15 प्रतिशत हो गई।
निजी बीमा कंपनियों के लिए व्यक्तिगत APE ग्रोथ जून में सालाना आधार पर 14 प्रतिशत तक बढ़ गई, जो मई में 12 प्रतिशत थी। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए, व्यक्तिगत APE ग्रोथ 15 प्रतिशत पर रही। महीने के दौरान निजी क्षेत्र के ग्रुप APE में सालाना आधार पर 74 प्रतिशत की भारी वृद्धि हुई, जिससे कुल प्रीमियम ग्रोथ को सहारा मिला।
शीर्ष चार निजी जीवन बीमा कंपनियों ने भी रिकवरी देखी और मई में लगभग 5 प्रतिशत की तुलना में जून में 14 प्रतिशत की सालाना APE ग्रोथ दर्ज की। टियर-II बीमा कंपनियों ने लगातार आठवें महीने शीर्ष चार कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन करना जारी रखा। शीर्ष चार को छोड़कर निजी बीमा कंपनियों ने जून में 23 प्रतिशत की सालाना APE ग्रोथ दर्ज की, जबकि टियर-II कंपनियों में सबसे मजबूत ग्रोथ 29 प्रतिशत रही। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए, शीर्ष चार को छोड़कर निजी बीमा कंपनियों ने लगभग 23 प्रतिशत की सालाना APE ग्रोथ दर्ज की, जबकि शीर्ष चार बीमा कंपनियों के लिए यह लगभग 14 प्रतिशत थी।
मजबूत प्रीमियम ग्रोथ के बावजूद, रिपोर्ट में कहा गया है कि निजी क्षेत्र के लिए सम एश्योर्ड (बीमा राशि) में वृद्धि घटकर 11 प्रतिशत रह गई, जो अप्रैल में 60 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही के दौरान 27-53 प्रतिशत की सीमा में थी। रिपोर्ट में कहा गया है, "हम उम्मीद करते हैं कि सम एश्योर्ड/टर्म बिजनेस में तेजी जारी रहेगी और हम चिंता के साथ एसए ग्रोथ के रुझानों पर नजर रखेंगे।" (एएनआई)
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