
Repo Rate Impact on Loans: अगर आपका होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन चल रहा है या फिर आपने FD में पैसा लगाया हुआ है, तो RBI के नए ऐलान आपके लिए बेहद अहम है। रिजर्व बैंक ने आज 5 जून को मॉनेटरी पॉलिसी बैठक में रेपो रेट को 5.25% पर ही बनाए रखने का फैसला किया है। इसका सीधा मतलब है कि फिलहाल ब्याज दरों में कोई नया झटका नहीं मिलेगा। हालांकि, RBI ने महंगाई बढ़ने की आशंका भी जताई है, इसलिए आने वाले महीनों में आपकी जेब पर कुछ अलग तरह का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल कि आखिर इस फैसले के बाद EMI, FD, कार लोन, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर क्या असर पड़ेगा? आइए समझते हैं...
रिजर्व बैंक ने एमपीसी की बैठक में रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा है। ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके साथ ही महंगाई का अनुमान बढ़ा दिया गया है। आर्थिक विकास दर का अनुमान थोड़ा घटाया गया और आगे के लिए 'वेट एंड वॉच' वाला रुख रखा गया है। यानी फिलहाल राहत है, लेकिन RBI आगे के हालात पर नजर बनाए हुए है।
अगर आपका होम लोन फ्लोटिंग रेट पर है तो फिलहाल आपकी EMI में कोई बदलाव नहीं होगा। मतलब EMI न बढ़ेगी और ना ही घटेगी। मौजूदा लोन की किस्तें पहले जैसी रहेंगी। जो लोग अगले कुछ महीनों में घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, उनके लिए भी यह राहत की खबर है क्योंकि लोन अभी महंगा नहीं हुआ है।
कार खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए भी फिलहाल स्थिति स्थिर है। बैंक और फाइनेंस कंपनियां आमतौर पर रेपो रेट के हिसाब से लोन की लागत तय करती हैं। चूंकि रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ, इसलिए नई कार लोन की ब्याज दरों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। मौजूदा कार लोन की EMI भी स्थिर रह सकती है और गाड़ी खरीदने की लागत में तुरंत कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा।
पर्सनल लोन सबसे महंगे लोन में गिने जाते हैं। RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में अचानक बढ़ोतरी की संभावना कम है। EMI फिलहाल स्थिर रह सकती है। नए पर्सनल लोन लेने वालों को मौजूदा रेट पर ऑफर मिल सकते हैं। हालांकि, पर्सनल लोन की दरें बैंक की अपनी जोखिम नीति पर भी निर्भर करती हैं।
कई लोग सोचते हैं कि रेपो रेट बदलने से क्रेडिट कार्ड का ब्याज तुरंत बदल जाता है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है। फिर भी क्रेडिट कार्ड के हाई ब्याज रेट्स फिलहाल बनी रह सकती हैं, बकाया रकम रखने वालों को राहत मिलने की संभावना कम है और समय पर बिल भुगतान पहले की तरह जरूरी रहेगा। अगर आप पर क्रेडिट कार्ड का बड़ा बकाया है तो उसे जल्द कम करना बेहतर ऑप्शन हो सकता है।
फिक्स्ड डिपॉजिट कराने वाले निवेशकों के लिए यह फैसला काफी अहम है, क्योंकि ब्याज दरों में कटौती नहीं हुई है, इसलिए एफडी पर मिलने वाले मौजूदा रिटर्न बने रह सकते हैं, कई बैंक आकर्षक FD रेट जारी रख सकते हैं और सीनियर सिटीजंस को भी मौजूदा स्कीम्स का फायदा मिल सकता है। जो लोग FD कराने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह अच्छा समय माना जा सकता है।
सेविंग अकाउंट रखने वालों को कोई बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिलेगा। बैंकों की जमा दरें फिलहाल लगभग उसी स्तर पर बनी रह सकती हैं जिस स्तर पर अभी हैं।
RBI ने महंगाई को लेकर चिंता जरूर जताई है। अगर आने वाले महीनों में तेल की कीमतें बढ़ती हैं, वैश्विक तनाव बढ़ता है या महंगाई लगातार ऊपर रहती है, तो भविष्य की बैठकों में RBI का रुख बदल सकता है। फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है, लेकिन आगे के आंकड़े काफी अहम रहेंगे।
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