
Reliance Industries Share Price Target: देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजे आ चुके हैं। नतीजों में एक बेहद चौंकाने वाला आंकड़ा सामने आया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) सालाना आधार पर 22% घट गया है। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि आज सोमवार को शेयर बाजार में चौतरफा कमजोरी के बावजूद रिलायंस का शेयर करीब 1% मजबूत होकर ₹1,341.20 के हाई पर पहुंच गया और यह निफ्टी 50 के टॉप 5 गेनर्स में शामिल रहा। मुनाफा गिरने के बाद भी दिग्गज ब्रोकरेज हाउस इस शेयर पर पूरी तरह बुलिश हैं और 'BUY' रेटिंग बरकरार रखी है। आइए जानते हैं कंपनी का मुनाफा क्यों घटा और एक्सपर्ट्स अब भी इस पर क्यों दांव लगा रहे हैं...
पहली तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध मुनाफा पिछले साल के ₹26,994 करोड़ से 22% घटकर ₹20,946 करोड़ रह गया है। हालांकि, इस गिरावट के पीछे कंपनी के कोर बिजनेस की कोई कमजोरी नहीं है। रिलायंस का मुनाफा मुख्य रूप से 'अदर इनकम' (Other Income) में 57% की भारी गिरावट की वजह से कम हुआ है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने एशियन पेंट्स (Asian Paints) में अपनी हिस्सेदारी बेची थी, जिससे एकमुश्त भारी मुनाफा हुआ था। इस बार ऐसा कोई तगड़ा फायदा नहीं मिला। मुनाफे में गिरावट के बावजूद रिलायंस का कंसोलिडेटेड रिवेन्यू सालाना आधार पर 25% बढ़कर ₹3.40 लाख करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं कंपनी का कामकाजी मुनाफा (EBITDA) भी 10.1% बढ़कर ₹54,067 करोड़ रहा है।
दिग्गज ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि रिलायंस के कोर बिजनेस में जबरदस्त मजबूती है। ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर पर अपना 12 महीने का टारगेट प्राइस थोड़ा घटाकर ₹1,550 कर दिया है, जो पहले ₹1,690 था, लेकिन यह नया टारगेट भी मौजूदा मार्केट प्राइस से 17% से ज्यादा के तगड़े मुनाफे का साफ इशारा कर रहा है।
1. एनर्जी और O2C बिजनेस में बंपर रिकवरी
रिलायंस के रिटेल बिजनेस में इस तिमाही थोड़ी सुस्ती रही और इसका EBITDA 2% गिरा। लेकिन कंपनी के एनर्जी, ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और एक्सप्लोरेशन (E&P) बिजनेस ने इसकी पूरी भरपाई कर दी। O2C सेगमेंट का कामकाजी मुनाफा तिमाही और सालाना दोनों आधार पर 17% बढ़ा है।
2. रिलायंस जियो बनेगा सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रिलायंस जियो (Jio) आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ की सबसे बड़ी गाड़ी बनने वाला है। वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी के बढ़ते मुनाफे में अकेले जियो का योगदान करीब 85% हो सकता है। मोबाइल टैरिफ (प्लान) में बढ़ोतरी, होम ब्रॉडबैंड और नए ग्राहकों के जुड़ने से जियो की कमाई तेजी से बढ़ेगी।
3. कर्ज में आएगी कमी, बढ़ेगा कैश फ्लो
ब्रोकरेज हाउस का मानना है कि रिलायंस का सबसे बड़ा खर्च (Capex Peak) अब खत्म हो चुका है। उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026-28 के बीच कंपनी के पास करीब ₹90,000 करोड़ का तगड़ा फ्री कैश फ्लो आएगा, जिससे कंपनी का कुल कर्ज तेजी से कम होगा।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि पिछले एक साल में आई इस गिरावट के बाद रिलायंस का शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर मिल रहा है, जो लॉन्ग टर्म के लिए एक बेहतरीन खरीदारी का मौका हो सकता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दिए गए शेयर प्राइस टारगेट और ब्रोकरेज फर्म्स के विचार सिर्फ उनकी व्यक्तिगत रिसर्च पर आधारित हैं। यह किसी भी तरह से निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी तरह के निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
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