
Train Ticket Confirmation Chance: ट्रेन का सफर रिलैक्स वाला तब बनता है सीट कंफर्म हो। लेकिन टेंशन तब होती है, जब टिकट बुक करते ही स्क्रीन पर 'Waiting' लिखकर आ जाता है। इसमें भी सबसे ज्यादा सिरदर्द तब होता है, जब टिकट पर RLWL लिखा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार RLWL का वेटिंग नंबर सिर्फ 5 या 10 होता है, फिर भी वह आखिरी समय तक चार्ट बनने पर भी कंफर्म नहीं होता। वहीं दूसरी तरफ, सामान्य वेटिंग लिस्ट (GNWL) धड़ाधड़ क्लियर हो जाती है। अगर आपकी जेब में भी ऐसा कोई टिकट है, तो बार-बार PNR स्टेटस चेक करके परेशान होने की जरूरत नहीं है। इस आर्टिकल में हम बेहद आसान तरीके से जानेंगे कि आप खुद कैसे पता लगा सकते हैं कि आपको सीट मिलेगी या नहीं...
RLWL का मतलब रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट (Remote Location Waiting List) होता है। आसान भाषा में कहें तो यह बीच के स्टेशनों का कोटा है। मान लीजिए कोई ट्रेन अहमदाबाद से चलकर वाराणसी जा रही है। अगर कोई यात्री अहमदाबाद से बैठेगा और वाराणसी तक जाएगा, तो उसे जनरल वेटिंग लिस्ट (GNWL) मिलेगी। लेकिन, अगर कोई यात्री बीच के किसी बड़े स्टेशन जैसे कोटा या मथुरा से ट्रेन पकड़ने वाला है, तो रेलवे उसे RLWL टिकट थमा देता है। रेलवे हर बड़े बीच के स्टेशन के लिए कुछ सीटें रिजर्व रखता है, इसे ही रिमोट लोकेशन कोटा कहते हैं।
अक्सर लोग सोचते हैं कि मेरी वेटिंग तो सिर्फ 5 है, यह तो चुटकियों में कंफर्म हो जाएगी, लेकिन RLWL के मामले में यह सोचना भारी पड़ सकता है। इसकी वजह यह है कि आपकी RLWL टिकट तभी आगे बढ़ेगी, जब आपके वाले स्टेशन (यानी उसी रिमोट लोकेशन) से किसी यात्री ने अपनी कंफर्म टिकट कैंसिल कराई हो। अगर अहमदाबाद से वाराणसी जाने वाला यात्री टिकट कैंसिल करता है, तो उससे आपको कोई फायदा नहीं मिलने वाला। चूंकि बीच के स्टेशनों का कोटा बहुत छोटा होता है, इसलिए वहां टिकट कैंसिलेशन भी बहुत कम होते हैं। यही वजह है कि छोटा नंबर होने के बावजूद यह टिकट जल्दी नहीं सरकती।
1. वेटिंग का नंबर देखें
अगर आपकी RLWL वेटिंग सिंगल डिजिट में है जैसे 2, 3, 5 या 10, तो आपके कंफर्म होने के चांस काफी अच्छे माने जाते हैं। अगर वेटिंग का आंकड़ा 40 या 50 से ऊपर है, तो मानकर चलिए कि इस टिकट का कंफर्म होना लगभग नामुमकिन है।
2. कैलेंडर और फेस्टिवल सीजन
अगर आप होली, दिवाली, छठ या गर्मियों की छुट्टियों में सफर कर रहे हैं, तो लोग आखिरी समय तक टिकट कैंसिल नहीं कराते। ऐसे पीक सीजन में वेटिंग लिस्ट हिलती तक नहीं है। वहीं, अगर आप आम दिनों में यात्रा कर रहे हैं, तो कैंसिलेशन रेट ज्यादा होता है और सीट मिलने की उम्मीद बढ़ जाती है।
3. चार्ट बनने का टाइमिंग
ट्रेन छूटने से कुछ घंटे पहले रेलवे अपना पहला रिजर्वेशन चार्ट तैयार करता है। बहुत से लोग अपनी प्लानिंग बदलने के कारण आखिरी के 4-5 घंटों में टिकट कैंसिल करते हैं। इसलिए चार्ट बनने से ठीक पहले स्टेटस में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
4. PNR का घटना
अगर टिकट बुक करने के बाद से लेकर अब तक आपका RLWL नंबर धीरे-धीरे ही सही, लेकिन लगातार कम हो रहा है, तो यह एक पॉजिटिव साइन है। इसका मतलब है कि रूट पर हलचल चालू है।
जब भी आप टिकट बुक करें, तो IRCTC ऐप या किसी मान्यता प्राप्त रेलवे प्रेडिक्शन वेबसाइट पर जाकर अपना PNR नंबर डालें। वहां आपको 'Confirmation Probability' (कंफर्म होने की संभावना) प्रतिशत में दिखाई देती है। अगर यह संभावना 80% से ऊपर दिखा रहा है और आपका RLWL नंबर लगातार घट रहा है, तो आप निश्चिंत रह सकते हैं। हालांकि, यह चार्ट बनने के बाद ही कंफर्म होता है कि सीट मिली है या नहीं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। भारतीय रेलवे (Indian Railways) और IRCTC के टिकट बुकिंग, वेटिंग लिस्ट (RLWL/GNWL) और कंफर्मेशन से जुड़े नियम, कोटे और एल्गोरिदम समय-समय पर बदलते रहते हैं। किसी भी ऐप या वेबसाइट द्वारा दिखाया जाने वाला प्रेडिक्शन (Confirmation Probability) सिर्फ पिछले आंकड़ों पर आधारित एक अनुमान होता है, यह टिकट कंफर्म होने की 100% गारंटी नहीं देता है। अंतिम चार्ट और सीट अलॉटमेंट का फैसला पूरी तरह रेलवे प्रशासन का होता है। यात्रा से पहले सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया हमेशा IRCTC की ऑफिशियल वेबसाइट या रेलवे के पूछताछ नंबर 139 की मदद लें।
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।