
SBI vs HDFC AMC: शेयर बाजार में एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट (SBI Funds Management) की लिस्टिंग के बाद निवेशकों के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। क्या नए-नवेले इस शेयर में पैसा लगाना सही रहेगा या फिर पहले से बाजार में मौजूद HDFC AMC पर भरोसा करना बेहतर होगा? दोनों ही देश की बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMC) हैं और करोड़ों भारतीयों के SIP और म्यूचुअल फंड का पैसा मैनेज करती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं निवेश के लिहाज से कौन ज्यादा स्ट्रॉन्ग है...
AMC (Asset Management Company) ऐसी कंपनी होती है, जो म्यूचुअल फंड, PMS, AIF और दूसरे निवेश प्रोडक्ट्स का पैसा मैनेज करती है। इसके बदले कंपनी निवेशकों से मैनेजमेंट फीस लेती है। किसी AMC की कमाई मुख्य रूप से तीन बातों पर निर्भर करती है। उसके पास कितना पैसा (AUM) मैनेजमेंट में है। वह किस तरह के फंड चला रही है। कम खर्च में ज्यादा पैसा मैनेज करने की क्षमता। यही तीन चीजें तय करती हैं कि कंपनी कितना मुनाफा कमा सकती है।
| पैरामीटर | SBI Funds Management | HDFC AMC |
|---|---|---|
| Mutual Fund QAAUM | 12.51 लाख करोड़ रुपए | 9.28 लाख करोड़ रुपए |
| कुल QAAUM | 29.46 लाख करोड़ रुपए | 9.43 लाख करोड़ रुपए |
| इंडस्ट्री शेयर | 15.3% | 11.4% |
| पैरामीटर | SBI Funds | HDFC AMC |
|---|---|---|
| रेवेन्यू | ₹43,895 मिलियन | ₹41,222 मिलियन |
| नेट प्रॉफिट | ₹30,674 मिलियन | ₹28,581 मिलियन |
| प्रॉफिट मार्जिन | 69.88% | 69.40% |
नोट- आंकड़े FY26 के अनुसार हैं। दोनों कंपनियां अपनी कमाई का करीब 70% हिस्सा मुनाफे में बदल रही हैं। यह किसी भी बिजनेस के लिए बेहद मजबूत मार्जिन माना जाता है।
| पैरामीटर | SBI Funds | HDFC AMC |
|---|---|---|
| P/E Ratio | 40.72 | 38.78 |
| ROE | 43.31% | 33.61% |
| Dividend Yield | उपलब्ध नहीं | 2.44% |
HDFC AMC के कुल AUM का लगभग 66% हिस्सा इक्विटी फंड्स में है। इन फंड्स पर AMC को ज्यादा फीस मिलती है। साथ ही कंपनी के अधिकांश इक्विटी फंड पिछले तीन साल में शानदार प्रदर्शन करते रहे हैं। दूसरी ओर एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के पास बड़ी मात्रा में पैसिव फंड्स, ETF और EPFO का पैसा है। इनसे फीस अपेक्षाकृत कम मिलती है। यानी एसबीआई फंड्स ज्यादा पैसा मैनेज करता है, लेकिन हर एक रुपए से होने वाली कमाई HDFC AMC की तुलना में कम हो सकती है।
HDFC AMC पिछले करीब आठ साल से शेयर बाजार में लिस्टेड है। इस दौरान कंपनी ने लगातार अच्छे रिजल्ट दिए, रेगुलर डिविडेंड दिया, निवेशकों का भरोसा बनाया और मजबूत इक्विटी फंड प्रदर्शन दिखाया। यही वजह है कि कई निवेशक इसे ज्यादा भरोसेमंद विकल्प मानते हैं।
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट के पास भी कई मजबूत पॉइंट हैं। यह भारत की सबसे बड़ी AMC है। पैसिव इन्वेस्टिंग में मजबूत पकड़ है। कम ऑपरेटिंग कॉस्ट है और देशभर में सबसे बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर आने वाले सालों में पैसिव फंड्स तेजी से बढ़ते हैं, तो इसका फायदा SBI Funds को मिल सकता है।
SBI Funds Management की लिस्टिंग किस भाव पर हुई?
कंपनी की लिस्टिंग ₹613.30 पर हुई, जो ₹574 के इश्यू प्राइस से करीब 6.85% प्रीमियम पर थी।
HDFC AMC कब से शेयर बाजार में लिस्टेड है?
HDFC AMC अगस्त 2018 से शेयर बाजार में लिस्टेड है।
किस कंपनी का AUM ज्यादा है?
SBI Funds Management का कुल AUM HDFC AMC से काफी बड़ा है।
क्या सिर्फ बड़ा AUM होना ही बेहतर निवेश की गारंटी है?
नहीं। AUM के साथ फंड की क्वालिटी, फीस, डिविडेंड, ट्रैक रिकॉर्ड और वैल्यूएशन भी देखना जरूरी है।
सोर्स: www.equitymaster.com
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश की सलाह न समझें। यहां दिए गए डिटेल्स equitymaster.com के अनुसार हैं। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर, IPO या म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले खुद रिसर्च करें या सेबी रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। पिछले प्रदर्शन से भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं मिलती।
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