
Monthly Saving Plans for Gen Z: महंगाई, ईएमआई, ऑनलाइन शॉपिंग और वीकेंड लाइफस्टाइल के बीच 30 हजार रुपये की सैलरी में सेविंग करना आज की मीडिल क्लास Gen Z के लिए सबसे बड़ा चैलेंज बन चुका है। महीने की शुरुआत में अकाउंट भरा हुआ लगता है, लेकिन 25 तारीख आते-आते बैलेंस स्क्रीनशॉट लेने लायक भी नहीं बचता। फिर भी सच ये है कि अच्छी सेविंग सिर्फ बड़ी सैलरी वालों का खेल नहीं है। सही प्लानिंग, छोटे डिसिप्लिन और कुछ प्रैक्टिकल फैसलों से 30 हजार रुपये कमाने वाला युवा भी हर महीने 5 से 10 हजार रुपये तक बचा सकता है। यहां जानिए जेन जी के लिए ऐसे 5 प्रैक्टिकल सेविंग प्लान के बारे में।
Gen Z की सबसे बड़ी गलती यही होती है कि पहले पूरा महीना खर्च किया जाता है और जो बच जाए उसे सेविंग मान लिया जाता है। जबकि स्मार्ट लोग सैलरी आते ही सेविंग अलग कर देते हैं।
सेविंग कैसे करें?
आज की Gen Z जल्दी रिजल्ट चाहती है, लेकिन लंबी रेस की सेविंग के लिए SIP सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका बन चुका है।
कितना निवेश करें?
Gen Z की कमाई का बड़ा हिस्सा गैजेट्स और ऑनलाइन शॉपिंग में चला जाता है। खासकर नो-कॉस्ट EMI मानसिकता सेविंग की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है। रियलिटी यह है कि छोटी-छोटी EMI मिलकर बड़ा बोझ बन जाती हैं। हर महीने फिक्स कटौती होने से सेविंग रुक जाती है। जरूरत और इच्छा का फर्क खत्म हो जाता है। इससे बचने के लिए 30 दिन वाला रूल अपनाएं। कोई महंगी चीज खरीदने से पहले 30 दिन इंतजार करें। अगर तब भी जरूरत लगे, तभी खरीदें।
Gen Z की नौकरी में स्थिरता पहले जैसी नहीं रही। Layoff, मेडिकल इमरजेंसी या अचानक खर्च कभी भी आ सकते हैं। इसके लिए कम से कम 3 महीने की सैलरी जितना फंड अलग होना चाहिए। यानी 30 हजार सैलरी वालों को करीब 90 हजार रुपये का इमरजेंसी बनाना चाहिए।
कैसे शुरू करें?
कई युवाओं को महीने के अंत में यह तक नहीं पता होता कि पैसा आखिर गया कहां। कॉफी, फूड डिलीवरी, कैब और सब्सक्रिप्शन छोटे खर्च लगते हैं, लेकिन यही सबसे ज्यादा पैसा खा जाते हैं। इससे बचने का आसान तरीका यह है कि- हर खर्च नोट करें। UPI हिस्ट्री हर रविवार चेक करें। जिन सब्सक्रिप्शन का इस्तेमाल नहीं हो रहा, उन्हें बंद करें। सिर्फ फालतू खर्च कंट्रोल करके महीने के 3-5 हजार रुपये तक आसानी से बचाए जा सकते हैं।
सेविंग का मतलब सिर्फ पैसा जमा करना नहीं है, बल्कि फाइनेंशियल फ्रीडम बनाना है। 30 हजार की सैलरी में करोड़पति बनने के सपने भले दूर लगें, लेकिन सही आदतें जल्दी शुरू हो जाएं तो भविष्य की आर्थिक टेंशन काफी कम हो सकती है। आज की Gen Z अगर इंप्रेस करने से ज्यादा सिक्योर होने पर फोकस करे, तो छोटी सैलरी में भी मजबूत फाइनेंशियल लाइफ बनाई जा सकती है।
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।