Saving Plans for Gen Z: 30 हजार की सैलरी में भी होगी बचत! जेन जी के लिए 5 स्मार्ट मंथली सेविंग प्लान

Published : May 26, 2026, 02:17 PM IST
Easy Saving Plans for Gen Z

सार

Easy Monthly Saving Plans for Gen Z: क्या आप 30 हजार रुपए मंथली कमाने वाले जेन जी हैं? क्या ऑनलाइन खर्च और EMI आपकी सेविंग रोक रहे हैं? ऐसे में क्या 30 हजार कमाने वाले युवा भी हर महीने पैसे बचा सकते हैं? जानिए Gen Z के लिए पैसे बचाने के 5 आसान तरीके क्या हैं?

Monthly Saving Plans for Gen Z: महंगाई, ईएमआई, ऑनलाइन शॉपिंग और वीकेंड लाइफस्टाइल के बीच 30 हजार रुपये की सैलरी में सेविंग करना आज की मीडिल क्लास Gen Z के लिए सबसे बड़ा चैलेंज बन चुका है। महीने की शुरुआत में अकाउंट भरा हुआ लगता है, लेकिन 25 तारीख आते-आते बैलेंस स्क्रीनशॉट लेने लायक भी नहीं बचता। फिर भी सच ये है कि अच्छी सेविंग सिर्फ बड़ी सैलरी वालों का खेल नहीं है। सही प्लानिंग, छोटे डिसिप्लिन और कुछ प्रैक्टिकल फैसलों से 30 हजार रुपये कमाने वाला युवा भी हर महीने 5 से 10 हजार रुपये तक बचा सकता है। यहां जानिए जेन जी के लिए ऐसे 5 प्रैक्टिकल सेविंग प्लान के बारे में।

पहले सेविंग, बाद में खर्च वाला फॉर्मूला अपनाएं

Gen Z की सबसे बड़ी गलती यही होती है कि पहले पूरा महीना खर्च किया जाता है और जो बच जाए उसे सेविंग मान लिया जाता है। जबकि स्मार्ट लोग सैलरी आते ही सेविंग अलग कर देते हैं।

सेविंग कैसे करें?

  • सैलरी आते ही 20% रकम दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करें।
  • 30 हजार की सैलरी पर कम से कम 6 हजार रुपये ऑटो-सेविंग में डालें।
  • UPI वाले मेन अकाउंट में लिमिटेड पैसा रखें।
  • जब पैसा आंखों से दूर रहता है तो खर्च भी कम होता है। यह ट्रिक सबसे ज्यादा काम करती है।

मंथली SIP शुरू करें, चाहे सिर्फ 1000 रुपये से

आज की Gen Z जल्दी रिजल्ट चाहती है, लेकिन लंबी रेस की सेविंग के लिए SIP सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका बन चुका है।

कितना निवेश करें?

  • शुरुआती नौकरी में 1000-3000 रुपये की SIP काफी है।
  • हर साल सैलरी बढ़े तो SIP भी बढ़ाएं। इससे धीरे-धीरे बड़ा फंड बनता है और डिसिप्लिन अपने आप बन जाता है। भविष्य के बड़े खर्च जैसे बाइक, ट्रैवल या घर की डाउन पेमेंट आसान हो सकती है।

नो-कॉस्ट EMI के जाल से दूरी बनाएं

Gen Z की कमाई का बड़ा हिस्सा गैजेट्स और ऑनलाइन शॉपिंग में चला जाता है। खासकर नो-कॉस्ट EMI मानसिकता सेविंग की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है। रियलिटी यह है कि छोटी-छोटी EMI मिलकर बड़ा बोझ बन जाती हैं। हर महीने फिक्स कटौती होने से सेविंग रुक जाती है। जरूरत और इच्छा का फर्क खत्म हो जाता है। इससे बचने के लिए 30 दिन वाला रूल अपनाएं। कोई महंगी चीज खरीदने से पहले 30 दिन इंतजार करें। अगर तब भी जरूरत लगे, तभी खरीदें।

एक इमेरजेंसी फंड जरूर बनाएं

Gen Z की नौकरी में स्थिरता पहले जैसी नहीं रही। Layoff, मेडिकल इमरजेंसी या अचानक खर्च कभी भी आ सकते हैं। इसके लिए कम से कम 3 महीने की सैलरी जितना फंड अलग होना चाहिए। यानी 30 हजार सैलरी वालों को करीब 90 हजार रुपये का इमरजेंसी बनाना चाहिए।

कैसे शुरू करें?

  • हर महीने 2000-3000 रुपये अलग रखें।
  • इसे सेविंग अकाउंट या लिक्विड फंड में रखें।
  • इस पैसे को ट्रैवल या शॉपिंग में इस्तेमाल न करें।

खर्च ट्रैक करना शुरू करें, तभी पैसा बचेगा

कई युवाओं को महीने के अंत में यह तक नहीं पता होता कि पैसा आखिर गया कहां। कॉफी, फूड डिलीवरी, कैब और सब्सक्रिप्शन छोटे खर्च लगते हैं, लेकिन यही सबसे ज्यादा पैसा खा जाते हैं। इससे बचने का आसान तरीका यह है कि- हर खर्च नोट करें। UPI हिस्ट्री हर रविवार चेक करें। जिन सब्सक्रिप्शन का इस्तेमाल नहीं हो रहा, उन्हें बंद करें। सिर्फ फालतू खर्च कंट्रोल करके महीने के 3-5 हजार रुपये तक आसानी से बचाए जा सकते हैं।

Gen Z के लिए सबसे जरूरी बात

सेविंग का मतलब सिर्फ पैसा जमा करना नहीं है, बल्कि फाइनेंशियल फ्रीडम बनाना है। 30 हजार की सैलरी में करोड़पति बनने के सपने भले दूर लगें, लेकिन सही आदतें जल्दी शुरू हो जाएं तो भविष्य की आर्थिक टेंशन काफी कम हो सकती है। आज की Gen Z अगर इंप्रेस करने से ज्यादा सिक्योर होने पर फोकस करे, तो छोटी सैलरी में भी मजबूत फाइनेंशियल लाइफ बनाई जा सकती है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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