
Trent Share Price Target: टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी ट्रेंट (Trent Ltd) के शेयरों ने मंगलवार को बाजार खुलते ही ज़बरदस्त छलांग लगाई। पिछले तीन दिनों की सुस्ती के बाद शेयर सीधे 10% के अपर सर्किट के साथ खुला और देखते ही देखते 13% उछलकर ₹2,901 के पार निकल गया। खरीदारी की ये आंधी कंपनी के ताजा बिजनेस आंकड़ों के बाद आई है। लेकिन क्या इस तूफानी तेजी में कूदना सही है या शेयर नीचे फिसल सकता है? आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं...
ट्रेंट के शेयरों में तेजी की सबसे बड़ी वजह है कंपनी का दूसरी तिमाही (Q2) का बिजनेस अपडेट। जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी की कमाई (रेवेन्यू) सालाना आधार पर 23% बढ़कर ₹5,788 करोड़ पर पहुंच गई। वहीं चालू वित्त वर्ष के शुरुआती 6 महीनों (H1) में कंपनी ने कुल ₹11,454 करोड़ का कारोबार किया है, जो पिछले साल के मुकाबले 21% ज्यादा है। इस दमदार कमाई ने बाज़ार को हैरान कर दिया और निवेशकों ने शुरुआत में ही जमकर खरीदारी की।
कपड़ों और लाइफस्टाइल के किफायती बाज़ार में ट्रेंट का ब्रांड 'जुडियो' (Zudio) लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। बीती तिमाही में कंपनी ने अपने 1000वें जुडियो स्टोर की ऐतिहासिक शुरुआत की। 30 सितंबर 2026 तक कंपनी के कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 1,342 हो चुकी है। सिर्फ इस एक तिमाही में कंपनी ने 17 नए जुडियो और 10 नए Westside स्टोर्स खोले हैं। किफायती फैशन की भारी डिमांड का सीधा फायदा कंपनी की बैलेंस शीट पर दिख रहा है।
कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, शेयर अभी एक दायरे (Sideways) में फंसा हुआ है। शेयर के लिए ₹2,965 का स्तर सबसे बड़ी बाधा है। अगर ये इसके ऊपर टिक कर बंद होता है, तो मिड टर्म में भाव ₹3,150 तक जा सकता है। अगर शेयर ₹2,780 के नीचे फिसला, तो ये वापस ₹2,600 से ₹2,650 के दायरे में आ सकता है और आज की बढ़त गंवा सकता है।
कुछ मार्केट एक्सपर्ट्स मानना है कि शेयर में पिछले कुछ समय से चल रहा करेक्शन अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। शेयर अपने पुराने सपोर्ट के पास पहुंच रहा है, जो अब रुकावट का काम कर रहा है। मूविंग एवरेज पर अभी भी कमजोरी के संकेत हैं। अगर बिकवाली हावी हुई, तो शेयर अपने 52-वीक लो यानी ₹2,183 के स्तर को दोबारा छूने की कोशिश कर सकता है। लॉन्ग टर्म की तेजी लौटने में अभी वक्त लग सकता है।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न बताता है कि देश-विदेश के बड़े फंड्स का ट्रेंट पर तगड़ा दांव लगा हुआ है। प्रमोटर्स (टाटा ग्रुप) की बात करें, तो टाटा संस के पास 32.45% और टाटा इन्वेस्टमेंट के पास 4.28% हिस्सेदारी है। विदेशी निवेशक (FPIs) के पास 15.14% स्टेक है। म्यूचुअल फंड्स 14.64% की हिस्सेदारी संभाले हुए हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC के पास भी ट्रेंट का 3.03% हिस्सा है।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और सूचना के लिए है। इसे किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न मानें। शेयर बाज़ार में निवेश बाज़ार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले अपने सेबी रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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