
नई दिल्ली: अगर आप भी यूट्यूब पर वीडियो बनाकर पैसे कमाते हैं या कमाने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है। यूट्यूब ने कंटेंट क्रिएटर्स से होने वाली कमाई के नियमों को और भी सख्त कर दिया है। अब यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम (YPP) के तहत विज्ञापन और यूट्यूब प्रीमियम से कमाई करने के लिए आपको पहले से ज़्यादा मेहनत करनी होगी, क्योंकि कंपनी ने जरूरी व्यूज़ और वॉच आवर (वीडियो देखे जाने का समय) दोनों को बढ़ा दिया है।
जो लोग यूट्यूब पर नए हैं, उनके लिए अब कमाई का सफर पहले से लगभग दोगुना मुश्किल हो गया है। नए नियमों के मुताबिक, अब पैसे कमाना न तो आसान होगा और न ही जल्दी संभव हो पाएगा।
जी हां, ये नए नियम पुराने और पहले से कमाई कर रहे क्रिएटर्स पर भी लागू होंगे। शॉर्ट्स वीडियो से विज्ञापन और सब्सक्रिप्शन के जरिए कमाई करने के लिए उन्हें भी हर 90 दिनों में कम से कम 1 करोड़ (10 मिलियन) व्यूज़ हासिल करने होंगे। अगर कोई क्रिएटर यह टारगेट पूरा नहीं कर पाता है, तो उसके शॉर्ट्स वीडियो से होने वाली कमाई रुक जाएगी। हालांकि, लंबे वीडियो से कमाई जारी रहेगी। जैसे ही शॉर्ट्स व्यूज़ 1 करोड़ के पार जाएंगे, कमाई अपने आप फिर से शुरू हो जाएगी।
इससे पहले 2018 में यूट्यूब ने अपनी मॉनेटाइजेशन पॉलिसी में एक बड़ा बदलाव किया था। उसके बाद कुछ छोटी-मोटी शर्तें जोड़ी गईं, लेकिन इतना बड़ा बदलाव अब हुआ है। फिलहाल, यूट्यूब पार्टनर प्रोग्राम में 30 लाख से ज़्यादा क्रिएटर्स एक्टिव हैं और हर दिन यूट्यूब पर शॉर्ट्स वीडियो को 2000 करोड़ से ज़्यादा बार देखा जाता है। कंपनी अपनी नई पॉलिसी से ओरिजिनल कंटेंट को बढ़ावा देना चाहती है।
यूट्यूब ने 10 अगस्त को अपनी इस नई मॉनेटाइजेशन पॉलिसी का ऐलान किया है। इसका असर अगले महीने से दिखने लगेगा, जब कंटेंट क्रिएटर्स को कमाई के लिए इन नए लक्ष्यों को पूरा करना होगा। आजकल हर कोई कंटेंट क्रिएटर बनकर यूट्यूब से कमाई करना चाहता है। इसी बढ़ती भीड़ को देखते हुए यूट्यूब ने अपने नियम और भी कड़े कर दिए हैं।
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