Independence Day 2025: 15 अगस्त को लाल किले पर तिरंगा फहराने की परंपरा कैसे शुरू हुई?

Published : Aug 14, 2025, 11:54 AM ISTUpdated : Aug 14, 2025, 11:55 AM IST
Independence Day 2025 Red Fort Flag Hoisting History

सार

Independence Day 2025 Flag Hoisting Red Fort: भारत के स्वतंत्रता दिवस पर यानी 15 अगस्त को लाल किले पर तिरंगा फहराने की परंपरा कब और कैसे शुरू हुई, इसके पीछे की ऐतिहासिक कहानी और रोचक फैक्ट्स जानें, जो सीधे भारत की आजादी से जुड़े हैं।

Independence Day 2025 Red Fort Flag Hoisting History: हर साल 15 अगस्त को जब दिल्ली के लाल किले की प्राचीर पर तिरंगा लहराता है, तो यह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की आजादी, गर्व और एकता का प्रतीक बन जाता है। इस ऐतिहासिक परंपरा की शुरुआत 1947 में हुई, जब देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आजाद भारत का पहला तिरंगा यहां फहराया। उस दिन ब्रिटिश शासन का प्रतीक यूनियन जैक हमेशा के लिए नीचे उतार दिया गया और उसकी जगह भारतीय तिरंगा लहराने लगा। तब से यह स्थान स्वतंत्र भारत की ताकत और गौरव का प्रतीक माना जाता है।

लाल किले के लाहौरी गेट का क्या है इतिहास

उस समय लाल किले का मुख्य द्वार लाहौरी गेट कहलाता है। मुगल शासन के समय सम्राट यहीं से निकलते थे और इस दरवाजे से जाने वाला रास्ता सीधे लाहौर (अब पाकिस्तान) तक जाता था, इसी वजह से इसका नाम ‘लाहौरी गेट’ पड़ा। उस दौर में यह रास्ता शाही जुलूस का हिस्सा और दिल्ली की शक्ति का प्रतीक भी माना जाता था।

अंग्रेजों ने लाल किले पर फहराया था अपना झंडा यूनियन जैक

1857 के स्वतंत्रता संग्राम में भारत की हार के बाद अंग्रेजों ने इसी गेट पर अपना झंडा यूनियन जैक फहराया। यह ब्रिटिश हुकूमत के पूरे देश पर कब्जे का प्रतीक था। लेकिन 15 अगस्त 1947 को यहां तिरंगा फहराकर यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि भारत अब आजाद है और अपने फैसले खुद ले सकता है।

आजाद हिंद फौज का झंडा लहराते देखना चाहते थे सुभाष चंद्र बोस

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 21 अक्टूबर 1943 को आजाद हिंद सरकार की स्थापना की थी और उनका सपना था कि एक दिन लाल किले पर आजाद हिंद फौज का झंडा लहराए। भले ही यह सपना उनके जीवनकाल में पूरा न हो सका, लेकिन 15 अगस्त 1947 को तिरंगे के रूप में उनका सपना साकार हुआ।

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लाल किले पर ध्वजारोहण की परंपरा कैसे शुरू हुई? (Independence Day Red Fort Flag Hoisting History)

आजादी के तुरंत बाद यह तय किया गया कि लाल किले के लाहौरी गेट पर हर साल 15 अगस्त को तिरंगा फहराने का अधिकार केवल प्रधानमंत्री के पास होगा। यह दिन सिर्फ एक राष्ट्रीय उत्सव ही नहीं, बल्कि हमारे स्वतंत्रता संग्राम की याद, शहीदों के बलिदान और भारत की संप्रभुता का प्रतीक बन गया। यह परंपरा आज भी उतनी ही गरिमा और गर्व के साथ निभाई जाती है और हर बार जब तिरंगा हवा में लहराता है, तो करोड़ों भारतीयों के दिल में आजादी का जज्बा और भी मजबूत हो जाता है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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