आप जानते हैं "चिड़ी के चार दिन, घर के आठ दिन" का मतलब, रोचक मीनिंग वाले मुहावरे

Published : Nov 25, 2024, 10:05 AM IST
muhavare in hindi

सार

Muhavare in Hindi: भारत के रंगारंग मुहावरों की दुनिया में गोते लगाएं! प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जरूरी इन क्षेत्रीय मुहावरों के अर्थ जानें और अपनी भाषा को और निखारें।

Muhavare in Hindi: भारत जैसे विविध सांस्कृतिक देश में, भाषा और बोली हर कुछ मीलों पर बदल जाती है। इसी भाषाई विविधता में क्षेत्रीय मुहावरों का एक खास स्थान है। ये मुहावरे न केवल भाषा को समृद्ध बनाते हैं, बल्कि उस क्षेत्र की संस्कृति, रीति-रिवाज और जनजीवन का भी प्रतीक होते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में क्षेत्रीय मुहावरे पूछे जाने का चलन बढ़ा है, क्योंकि ये प्रश्न उम्मीदवारों की भाषाई समझ और सांस्कृतिक ज्ञान को परखते हैं। अक्सर ये मुहावरे कठिन लगते हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके से समझने और अभ्यास करने से यह चुनौती आसान हो जाती है। जानिए ऐसे ही कुछ मुहावरों के अर्थ विस्तार को ताकि न केवल परीक्षा में सफलता मिले, बल्कि आपकी भाषा पर पकड़ भी मजबूत हो।

मुहावरा- "खाए-पिए अघाए होना" (उत्तर भारत)

मुहावरे का अर्थ: अधिक लाभ मिलने के बाद लापरवाह हो जाना। जब कोई व्यक्ति संपन्नता के कारण आलसी और लापरवाह हो जाए, तो इस मुहावरे का उपयोग होता है। यह अक्सर आलोचना के संदर्भ में कहा जाता है।

मुहावरा- "चिड़ी के चार दिन, घर के आठ दिन" (मालवी)

मुहावरे का अर्थ: अस्थायी खुशी या सफलता। जब किसी स्थिति की सफलता या खुशी अल्पकालिक होती है, तब इस मुहावरे का उपयोग किया जाता है।

मुहावरा- "निंदक नियरे राखिए" (ब्रज)

मुहावरे का अर्थ: आलोचक को अपने पास रखना। यह मुहावरा संत कबीर के प्रसिद्ध दोहे से प्रेरित है और सिखाता है कि आलोचकों को अपने करीब रखने से आप बेहतर इंसान बनते हैं।

मुहावरा- "बांधे तेल देख, बांधे तेल की धार" (हरियाणवी)

मुहावरे का अर्थ: सावधानी से स्थिति का आकलन करना। यह मुहावरा सिखाता है कि किसी कार्य को करने से पहले उसकी बारीकियों और संभावित परिणामों का आकलन करना चाहिए।

मुहावरा- "आंधी में दिया जलाना" (हिंदी क्षेत्र)

मुहावरे का अर्थ: कठिन परिस्थितियों में उम्मीद बनाए रखना। इस मुहावरे का प्रयोग तब होता है जब कोई व्यक्ति मुश्किल हालात में भी हार न मानते हुए अपने प्रयास जारी रखता है।

मुहावरा- "बैल के सींग पकड़कर हल चलाना" (बुंदेलखंडी)

मुहावरे का अर्थ: सीधे तरीके से किसी कठिन कार्य को पूरा करना। यह मुहावरा सिखाता है कि कड़ी मेहनत और ईमानदारी से कोई भी कठिनाई पार की जा सकती है।

मुहावरा- "नाचे बिन पायल, रोवे बिन फूट" (अवधी)

मुहावरे का अर्थ: बिना किसी कारण के खुश होना या उदास होना। यह मुहावरा उन परिस्थितियों पर प्रकाश डालता है जब किसी व्यक्ति की प्रतिक्रिया बिना किसी ठोस कारण के होती है।

मुहावरा- "धन्ना सेठ की पगरी खिसक गई" (हरियाणवी)

मुहावरे का अर्थ: प्रतिष्ठित व्यक्ति का मान-सम्मान खत्म हो जाना। यह मुहावरा सिखाता है कि स्थिति कितनी भी मजबूत हो, गलतियां प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

मुहावरा- "सूरज को दिया दिखाना" (राजस्थानी)

मुहावरे का अर्थ: ज्ञानी के सामने ज्ञान बघारना। यह मुहावरा सिखाता है कि किसी विशेषज्ञ को उसी के क्षेत्र में सिखाने की कोशिश बेकार होती है।

ये भी पढ़ें

क्या आप जानते हैं "जइसे कागा के सिर पर कोयल बइठ गई" का मतलब? रोचक मुहावरे

कौन हैं एमबीए चायवाला प्रफुल्ल बिल्लोरे, जानिए क्यों चर्चा में?

PREV

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

Recommended Stories

Education Budget 2026: लड़कियों के हॉस्टल, नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स- छात्रों के लिए क्या-क्या नया?
Parth Pawar Education: कितने पढ़े-लिखे हैं पार्थ पवार? HR कॉलेज से UK तक की पढ़ाई और राजनीति का सफर