जानिए उस शख्स को जो 17 साल की उम्र में बने ग्रेजुएट, 19 में एमबीए, आज सबसे अमीर भारतीयों में हैं शामिल

Published : Sep 11, 2023, 06:13 PM ISTUpdated : Sep 11, 2023, 06:20 PM IST
Vinod Saraf

सार

विनोद सराफ ने हमेशा पढ़ाई में मेहनत की और आगे रहे। मात्र 17 साल की उम्र में स्नातक की पढ़ाई पूरी की स्टेट टॉपर बने और फिर 19 साल की उम्र में गोल्ड मेडलिस्ट के रूप में बिट्स पिलानी से एमबीए की डिग्री हासिल की। आज सबसे अमीर भारतीय में से एक हैं।

विनोद सराफ शिक्षा की अहमियत को जानते थे इसलिए मन से पढ़ाई करते थे। अपने स्कूल के दिनों से ही पढ़ाई में बहुत होशियार थे और बहुत कम उम्र में कॉर्पोरेट वर्ल्ड में टॉप पर पहुंचने में कामयाब रहे। लेकिन इसके बाद उन्होंने सीईओ की ऊंची तनख्वाह वाली नौकरी छोड़कर अपनी खुद की कंपनी शुरू करने का फैसला किया और अब अरबपति हैं। जानें अरबपति विनोद सराफ की पूरी कहानी।

17 साल की उम्र में पूरी की ग्रेजुएशन, स्टेट टॉपर बने

विनोद सराफ को कम उम्र में ही एहसास हो गया था कि शिक्षा ही जीवन में बड़ी चीजें हासिल करने का एकमात्र तरीका है और यही कारण है कि विनोद सराफ ने हमेशा पढ़ाई में मेहनत की और आगे रहे। उन्होंने मात्र 17 साल की उम्र में स्टेट टॉपर के रूप में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर 19 साल की उम्र में गोल्ड मेडलिस्ट के रूप में बिट्स पिलानी से एमबीए की डिग्री हासिल की। विनोद सराफ का जन्म राजस्थान में व्यापारियों के एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था। विनोद सराफ सात भाई-बहनों में सबसे बड़े थे।

हिंदी बैकग्राउंड के कारण बड़ी कंपनियों में नौकरी मिलने में हुई परेशानी

एमबीए करने के बाद विनोद सराफ ने कॉर्पोरेट वर्ल्ड में कदम रखा लेकिन हिंदी बैकग्राउंड के कारण शुरुआत में उन्हें बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी नहीं मिली। बिड़ला समूह की एक कंपनी में नौकरी मिलने से पहले विनोद सराफ ने लगभग दस वर्षों तक विभिन्न कपड़ा कंपनियों में काम किया। वह उद्योगपति आदित्य बिड़ला के साथ काम करते हुए मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बने। इसके अलावा उन्होंने ग्रासिम इंडस्ट्रीज, मॉडर्न सिंटेक्स और भीलवाड़ा ग्रुप जैसी कंपनियों में काम किया।

सीईओ की नौकरी छोड़ कर खुद की कंपनी शुरू की

कॉरपोरेट सेक्टर में काम करते हुए विनोद सराफ सीईओ के पद तक पहुंचे। 1990 में, सराफ ने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने और अपनी खुद की कंपनी शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने अपनी बेटी के नाम पर विनती ऑर्गेनिक्स नाम की कंपनी बनाई। यह कंपनी दर्द निवारक दवा इबुप्रोफेन में इस्तेमाल होने वाले रसायन आईबीबी या आइसोप्रोपिल बेंजीन का निर्माण करती है। उनकी बेटी विनती सराफ इस कंपनी की एमडी और सीईओ हैं।

विनोद सराफ का नेट वर्थ 15,000 करोड़ रुपये

विनोद सराफ की कुल संपत्ति लगभग 15,000 करोड़ रुपये (1.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर) है, जबकि विनती ऑर्गेनिक्स का मार्केट कैप लगभग 20014 करोड़ रुपये है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

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