
Sai Jadhav IMA: भारतीय सैन्य अकादमी (IMA), देहरादून में एक ऐसा पल आया, जिसने सेना के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया। करीब 90 साल से ज्यादा पुरानी इस प्रतिष्ठित अकादमी से पहली बार किसी महिला अफसर कैडेट ने ट्रेनिंग पूरी कर भारतीय सेना में कदम रखा है। यह महिला अफसर कैडेट हैं महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली सई जाधव, जो अब टेरिटोरियल आर्मी में लेफ्टिनेंट के रूप में देश की सेवा करेंगी। यह उपलब्धि उस बदलाव की शुरुआत है, जहां सेना में महिलाओं की भागीदारी अब नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है। जानिए सई जाधव कौन हैं और उनकी सफलता की कहानी।
सई जाधव, IMA के इतिहास में सैन्य प्रशिक्षण लेने वाली पहली महिला अफसर कैडेट हैं। टेरिटोरियल आर्मी के विशेष कोर्स में कुल 16 कैडेट शामिल थे, जिनमें सई अकेली महिला थीं। हालांकि उन्होंने रेगुलर आर्मी कैडेट्स के साथ पासिंग आउट परेड में मार्च पास्ट नहीं किया, लेकिन उन्होंने वही कठिन और अनुशासित ट्रेनिंग पूरी की, जो टेरिटोरियल आर्मी के लिए तय होती है।
कमीशनिंग सेरेमनी का पल बेहद भावुक रहा, जब सई के माता-पिता ने खुद उनके कंधों पर लेफ्टिनेंट के स्टार लगाए। यह सिर्फ एक सैन्य सम्मान नहीं था, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही देशसेवा की परंपरा का प्रतीक भी था। सई जाधव का परिवार लंबे समय से सेना से जुड़ा रहा है। उनके परदादा ब्रिटिश आर्मी में थे, दादा भारतीय सेना में अधिकारी रहे और उनके पिता संदीप जाधव वर्तमान में टेरिटोरियल आर्मी में सेवा दे रहे हैं। इस तरह जाधव परिवार की चौथी पीढ़ी अब सेना में शामिल हो चुकी है।
कोल्हापुर की रहने वाली सई जाधव की पढ़ाई देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई। उन्होंने 12वीं की पढ़ाई बेलगांव से पूरी की थी। ग्रेजुएशन के बाद राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षा पास की और फिर सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू में सफल रहीं। विशेष अनुमति के तहत उन्हें IMA में छह महीने का कठोर सैन्य प्रशिक्षण दिया गया। सई के मुताबिक यह ट्रेनिंग शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से चुनौतीपूर्ण रही, लेकिन इसी ने उन्हें एक मजबूत और आत्मविश्वासी अफसर बनाया।
सई जाधव की उम्र अभी सिर्फ 23 साल है। उनका परिवार मूल रूप से जयसिंहपुर गांव से जुड़ा है। इतनी कम उम्र में IMA से ट्रेनिंग लेकर लेफ्टिनेंट बनना अपने आप में बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। उनके पिता संदीप जाधव के अनुसार जिस अकादमी से देश के बेहतरीन अफसर निकलते हैं, वहां से बेटी को पास आउट होते देखना मेरे जीवन का सबसे गर्व का पल है।
इस ऐतिहासिक मौके पर एक और बड़ी जानकारी सामने आई। जून 2026 से महिला अफसर कैडेट्स को IMA में पुरुष कैडेट्स के साथ नियमित ट्रेनिंग दी जाएगी और वे पासिंग आउट परेड में भी शामिल होंगी।
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