
Top 10 Best Law Colleges in India: क्लैट 2026 रिजल्ट जारी होने के बाद अब सफल छात्रों के यूजी या पीजी लॉ कोर्स में एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। इस बीच देश में लॉ की पढ़ाई को लेकर छात्रों और पैरेंट्स के मन में सबसे पहला सवाल यही होता है कि आखिर सबसे अच्छा लॉ कॉलेज कौन-सा है और वहां एडमिशन कैसे मिलेगा। अगर आपके मन में भी यह सवाल है, तो जानिए NIRF रैंकिंग 2025 के मुताबिक, भारत के टॉप 10 लॉ कॉलेज के बारे में, जिसमें सरकारी और प्राइवेट लॉ यूनिवर्सिटी दोनों ही शामिल हैं। इन संस्थानों में पढ़ाई का स्तर, फैकल्टी, रिसर्च, मूट कोर्ट, इंटर्नशिप और प्लेसमेंट शानदार है।
टॉप लॉ यूनिवर्सिटी में सबसे ऊपर नाम आता है नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु का। इसे भारत की नंबर वन लॉ यूनिवर्सिटी माना जाता है। यहां पढ़ाई का माहौल बेहद प्रोफेशनल है और फैकल्टी में देश के जाने-माने लीगल एक्सपर्ट शामिल हैं। NLSIU से पढ़कर निकले छात्र सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, टॉप लॉ फर्म्स और इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन तक पहुंचते हैं। यहां मूट कोर्ट और रिसर्च पर खास जोर दिया जाता है। एडमिशन की बात करें तो यहां अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्स के लिए CLAT एग्जाम के जरिए प्रवेश मिलता है और कटऑफ देश के सभी लॉ कॉलेजों में सबसे ज्यादा रहती है।
दूसरे नंबर पर नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली का नाम आता है। यह यूनिवर्सिटी राजधानी दिल्ली में होने की वजह से छात्रों को कोर्ट, लॉ फर्म और पॉलिसी मेकिंग से जुड़ने का बेहतरीन मौका देती है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल नॉलेज पर ज्यादा फोकस किया जाता है। NLU दिल्ली में एडमिशन CLAT से नहीं बल्कि अपने अलग एंट्रेंस एग्जाम NLAT के जरिए होता है, इसलिए यहां अप्लाई करने की प्रोसेस थोड़ी अलग है।
हैदराबाद स्थित नालसर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ भी देश की टॉप लॉ यूनिवर्सिटी में गिनी जाती है। यह यूनिवर्सिटी अपनी एकेडमिक स्ट्रेंथ, डिसिप्लिन और रिसर्च कल्चर के लिए जानी जाती है। नालसर में पढ़ने वाले छात्रों को शुरुआत से ही मूट कोर्ट और केस स्टडी से जोड़ा जाता है, जिससे उनकी प्रैक्टिकल समझ मजबूत होती है। यहां एडमिशन CLAT एग्जाम के जरिए होता है और ऑल इंडिया लेवल पर सीट अलॉट होती है।
कोलकाता की वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ ज्यूडिशियल साइंसेज यानी NUJS भी NIRF रैंकिंग 2025 में टॉप पर बनी हुई है। यह यूनिवर्सिटी खासतौर पर कॉरपोरेट लॉ और इंटरनेशनल लॉ के लिए जानी जाती है। यहां का एलुमनाई नेटवर्क काफी मजबूत है, जो छात्रों को करियर में आगे बढ़ने में मदद करता है। एडमिशन प्रक्रिया यहां भी CLAT के जरिए होती है और अच्छी रैंक लाना जरूरी होता है।
गांधीनगर स्थित गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी पिछले कुछ सालों में तेजी से आगे बढ़ी है। GNLU का इंफ्रास्ट्रक्चर आधुनिक है और यहां कई स्पेशलाइज्ड लॉ कोर्स कराए जाते हैं। इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के साथ टाई-अप इसकी बड़ी ताकत हैं। यहां एडमिशन CLAT के जरिए मिलता है, जबकि कुछ खास कोर्स में इंटरव्यू या अलग से सेलेक्शन प्रोसेस भी हो सकता है।
आईआईटी खड़गपुर का राजीव गांधी स्कूल ऑफ इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी लॉ भी इस लिस्ट में शामिल है। यह संस्थान लॉ और टेक्नोलॉजी के कॉम्बिनेशन के लिए जाना जाता है, खासकर आईपी लॉ में। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले छात्रों के लिए यह एक बेहतरीन ऑप्शन माना जाता है। यहां एडमिशन कोर्स के हिसाब से CLAT, JAM या इंस्टीट्यूट के अपने क्राइटेरिया के आधार पर होता है।
पुणे का सिम्बायोसिस लॉ स्कूल प्राइवेट लॉ कॉलेजों में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। यहां पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री एक्सपोजर, मूट कोर्ट और प्लेसमेंट पर खास ध्यान दिया जाता है। कई बड़ी लॉ फर्म यहां से छात्रों को हायर करती हैं। सिम्बायोसिस में एडमिशन SLAT एग्जाम के जरिए होता है, जिसके बाद इंटरव्यू और मेरिट के आधार पर फाइनल सेलेक्शन किया जाता है।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली भी लॉ की पढ़ाई के लिए एक मजबूत विकल्प है। यहां फीस कम होने के बावजूद शिक्षा का स्तर काफी अच्छा माना जाता है। दिल्ली में होने के कारण छात्रों को कोर्ट और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का सीधा फायदा मिलता है। जामिया में लॉ कोर्स के लिए यूनिवर्सिटी लेवल एंट्रेंस एग्जाम होता है और मेरिट के आधार पर एडमिशन दिया जाता है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का लॉ फैकल्टी भी काफी पुराना और प्रतिष्ठित है। यहां लॉ की पढ़ाई का इतिहास लंबा रहा है और आज भी बड़ी संख्या में छात्र यहां से पढ़कर ज्यूडिशियरी और लीगल फील्ड में नाम कमा रहे हैं। AMU में एडमिशन अपने लॉ एंट्रेंस एग्जाम के जरिए होता है और फीस भी दूसरी यूनिवर्सिटी के मुकाबले कम रहती है।
भुवनेश्वर की शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान यूनिवर्सिटी इस लिस्ट में उभरती हुई प्राइवेट यूनिवर्सिटी के तौर पर शामिल है। यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री ओरिएंटेड कोर्स और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर जोर दिया जाता है। एडमिशन यूनिवर्सिटी लेवल एंट्रेंस या मेरिट के आधार पर होता है।
कुल मिलाकर क्लैट 2026 में सफल कैंडिडेट जो NIRF रैंकिंग 2025 के अनुसार देश की टॉप लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेना चाहते हैं, उन्हें पहले यह तय करना होगा कि आप किस तरह के लॉ करियर में जाना चाहते हैं, जैसे कॉरपोरेट लॉ, ज्यूडिशियरी, रिसर्च या आईपी लॉ। इसके बाद अपने अनुसार सही कॉलेज या यूनिवर्सिटी के लिए अप्लाई करें।
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