Year Ender 2023: नौकरी के मामले में बेहद खराब रहा यह साल, पिछले साल से 50 प्रतिशत ज्यादा छंटनी

Published : Dec 22, 2023, 12:02 PM ISTUpdated : Dec 22, 2023, 05:20 PM IST
Year Ender 2023 Layoffs

सार

Year Ender 2023: साल 2023 नौकरी के मामले में बेहद खराब साल साबित हुआ। एक से बढ़ कर एक टेक दिग्गज कंपनियों ने अपने स्टाफ की ताबड़तोड़ छंटनी की। इस साल हुई छंटनी पिछले साल से 50 प्रतिशत ज्यादा है। जानिए

Year Ender 2023: टेक जॉब कट मामले में 2023 बड़ी ही आसानी से 2022 से आगे निकल गया है। साल 2023 एक ऐसा साल रहा जिसमें ताबड़तोड़ नौकरियां गईं। इतना ही नहीं 2023 के अंत के करीब आने के बावजूद, टेक इंडस्ट्री में छंटनी रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। इस साल की शुरुआत ही उथल-पुथल से हुई, जिसमें हजारों टेक कर्मचारियों ने अपनी नौकरियां खो दीं। उल्लेखनीय रूप से 2023 में अब तक 244,342 से अधिक टेक स्टाफ को निकाल दिया गया है, जो 2022 से 50 प्रतिशत अधिक है। अपने स्टाफ की छंटनी करने वालों में Google, अमेजॅन और माइक्रोसॉफ्ट के साथ-साथ छोटे फिनटेक स्टार्टअप और ऐप्स तक शामिल हैं।

244,342 से अधिक ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर के कर्मचारियों को निकाला गया

वेबसाइट Layoffs.fyi के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष की शुरुआत से अबतक 244,342 से अधिक ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर के कर्मचारियों को निकाल दिया गया है, ऐसा करने वालों में 1,059 टेक कंपनियां शामिल हैं। Layoffs.fyi के अनुसार पिछले साल 1,024 टेक कंपनियों ने कुल 154,336 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था।

जारी है नौकरी छूटने का डर 

हालांकि पिछले कुछ महीनों में छंटनी की गति कुछ धीमी हुई है, लेकिन नौकरी छूटने का स्टाफ में अब भी डर बना हुआ है। त्योहारी सीजन के दौरान भी छंटनी जारी रही। Google, Amazon, Snap जैसे अन्य प्रमुख टेक प्लेयर्स ने हाल ही में नौकरी में कटौती के नए राउंड की घोषणा की थी। कथित तौर पर छंटनी के नये राउंड ने प्रोडक्ट मैनेजमेंट, कंज्युमर सर्विस और इंजीनियरिंग में विभिन्न भूमिकाओं वाले कर्मचारियों को प्रभावित किया। जिससे पूरे कर्मचारियों में हलचल मच गई।

Google में अधिक नौकरियों में कटौती

अल्फाबेट इंक के स्वामित्व वाली Google ने हाल ही में अपनी यूजर एंड प्रोडक्ट टीम में कर्मचारियों को निकाल दिया, जो कंज्यूमर कंप्लेन के मैनेजमेंट के लिए जिम्मेदार है। Google का दावा है कि छंटनी मामूली थी, लेकिन वे Verily, Waymo और Google News सहित Alphabet सहायक कंपनियों में वर्कफोर्स का आकार घटाने का हिस्सा हैं। कथित तौर पर अल्फाबेट की नई स्ट्रेटजी में भविष्य के विकास के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और सेल्फ-ड्राइविंग कारों जैसे महत्वपूर्ण फील्ड पर फोकस किया जा रहा है।

अमेजॅन में स्टाफ की छंटनी

ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजॅन भी अपने म्यूजिक डिविजन में छंटनी कर रही है, जिससे उत्तरी अमेरिका, लैटिन अमेरिका और यूरोप के कर्मचारी प्रभावित हैं। अमेजॅन इस बात पर जोर देता है कि ये कटौती स्ट्रेटजी का हिस्सा है जिसका उद्देश्य ग्राहकों की जरूरतों को प्राथमिकता देना और लाॅन्ग टर्म बिजनेस हेल्थ सुनिश्चित करना है। हाल ही में छंटनी की घोषणा अमेजॅन द्वारा क्लाउड बिजनेस को स्थिर करने की घोषणा और छुट्टियों के मौसम के दौरान अनुमानित राजस्व वृद्धि के बावजूद की गई थी।

स्नैप वर्क फोर्स कम कर रहा है

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैप भी उन कंपनियों में शामिल हो गया है जो अभी भी नौकरियों में कटौती कर रही हैं। स्नैप इंक ने हाल ही में अपनी प्रोडक्ट टीम से लगभग 20 कर्मचारियों को निकाल दिया। कंपनी का कहना है कि यह छंटनी लागत कम करने के बड़े प्रयास का हिस्सा है।

छंटनी के कारण

टेक इंडस्ट्री को धीमी राजस्व वृद्धि और आर्थिक मंदी के कारण अन्य बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इन समस्याओं से निपटने के लिए कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती कर रही हैं। अधिकांश कंपनियों के अनुसार छंटनी उनके रणनीतिक पुनर्गठन, परिचालन को सुव्यवस्थित करने और मौजूदा आर्थिक और बाजार स्थितियों पर प्रतिक्रिया का भी हिस्सा है। 

ये भी पढ़ें

CAT Results 2023: 100% स्कोरर में महाराष्ट्र के छात्र सबसे आगे, दूसरे नंबर पर तेलंगाना

गणित के जादूगर थे श्रीनिवास रामानुजन, जानिए रोचक बातें

PREV

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...

Recommended Stories

Education Budget 2026: लड़कियों के हॉस्टल, नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स- छात्रों के लिए क्या-क्या नया?
Parth Pawar Education: कितने पढ़े-लिखे हैं पार्थ पवार? HR कॉलेज से UK तक की पढ़ाई और राजनीति का सफर