Day 1-2: फुल सिलेबस का फास्ट रिवीजन
पहले दो दिन में पूरे सिलेबस को तेजी से दोहराएं। मैथ्स के फॉर्मूले, इंग्लिश के ग्रामर रूल्स और GAT के बेसिक कॉन्सेप्ट्स को एक बार रीफ्रेश कर लें। यह समय कमजोर टॉपिक्स पहचानने का भी है।
Day 3-4: प्रैक्टिस + पिछले साल के सवाल
अब सिर्फ पढ़ना नहीं, लिखकर प्रैक्टिस करना शुरू करें। मैथ्स के 50-60 सवाल रोज हल करें और GAT के पुराने पेपर लगाएं। इससे आपको पेपर का पैटर्न और सवालों का लेवल समझ आएगा।
Day 5: फुल मॉक टेस्ट और एनालिसिस
पूरा पेपर टाइम में बैठकर हल करें। इसके बाद सबसे जरूरी काम है, अपनी गलतियों का एनालिसिस। देखें कहां टाइम वेस्ट हुआ, कौन से सवाल गलत हुए।
Day 6: कमजोर टॉपिक्स पर फोकस
अब जो भी आपकी कमजोरियां हैं, सिर्फ उन्हीं पर काम करें। चाहे वो मैथ्स का कोई चैप्टर हो या इंग्लिश का ग्रामर, उसे क्लियर करें।
Day 7: लाइट रिवीजन + माइंड सेट
आखिरी दिन ज्यादा दबाव न लें। बस हल्का रिवीजन करें, फॉर्मूले देखें और खुद को मानसिक रूप से तैयार करें। अच्छी नींद लें, यही आपकी परफॉर्मेंस तय करेगी।