Workplace Culture: 'आगे क्या करूं सर?' यह सवाल पूछने पर CEO ने किया नौकरी से आउट

Published : May 20, 2026, 12:30 PM IST
Workplace Culture: 'आगे क्या करूं सर?' यह सवाल पूछने पर CEO ने किया नौकरी से आउट

सार

InstaAstro के CEO ने एक सीनियर कर्मचारी को 'आगे क्या करना है?' पूछने पर निकाल दिया। उनके मुताबिक, सीनियर प्रोफेशनल्स को खुद पहल करनी चाहिए। इस पोस्ट ने लीडरशिप और 'ओनरशिप' पर एक बड़ी बहस शुरू कर दी है।

InstaAstro के फाउंडर और CEO नितिन वर्मा के एक खुलासे ने इंटरनेट पर बवाल मचा दिया है। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने एक सीनियर कर्मचारी को सिर्फ इसलिए नौकरी से निकाल दिया क्योंकि उसने पूछा था, 'आगे क्या करना है?' इस घटना के बाद से लीडरशिप, जवाबदेही और वर्कप्लेस में 'ओनरशिप' यानी काम को अपना समझने की भावना पर जोरदार बहस छिड़ गई है।

वर्मा ने ये किस्सा एक लिंक्डइन पोस्ट में शेयर किया। उन्होंने समझाया कि सीनियर लेवल के प्रोफेशनल्स से उम्मीद की जाती है कि वे लीडरशिप के निर्देशों का इंतजार करने के बजाय खुद फैसले लेने में सक्षम हों। वर्मा के मुताबिक, उस कर्मचारी को एक खास डिपार्टमेंट की पूरी जिम्मेदारी संभालने के लिए ही हायर किया गया था, ताकि उन्हें खुद रोज-रोज के कामों में शामिल न होना पड़े। उन्होंने बताया कि उस सीनियर कर्मचारी को शुरुआत से ही 'पूरी आजादी' दी गई थी, जिसमें कोई माइक्रोमैनेजमेंट, बार-बार अप्रूवल लेने की जरूरत या लगातार निगरानी शामिल नहीं थी।

वर्मा ने लिखा, “मैंने किसी को इसलिए नौकरी से निकाल दिया क्योंकि उसने मुझसे पूछा, ‘सर बताइए आगे क्या करना है।’” उस बातचीत को याद करते हुए CEO ने बताया कि उन्होंने तुरंत कर्मचारी के इस रवैये पर सवाल उठाया। "उसने कहा, ‘सर आप बेहतर जानते हैं।’ मैंने पूछा, तो फिर मैंने तुम्हें नौकरी पर क्यों रखा है?" वर्मा ने आगे बताया।

इस पोस्ट के बाद मॉडर्न वर्कप्लेस कल्चर पर बहस तेज हो गई। वर्मा का तर्क है कि 'ओनरशिप' यानी जिम्मेदारी लेने की सोच कोई स्किल नहीं है जिसे लीडर समय के साथ कर्मचारियों को सिखा सकें, बल्कि यह एक जन्मजात मानसिकता है। उन्होंने कहा, "आप यह किसी को दे नहीं सकते। या तो वे इसके साथ आते हैं। या वे इसे कभी नहीं ढूंढ पाते।" उन्होंने आगे कहा, "बिना ओनरशिप के आजादी सिर्फ कन्फ्यूजन पैदा करती है। और मैं ऐसे लोगों के भरोसे कंपनी नहीं बना सकता जिन्हें यह बताने की जरूरत पड़े कि क्या सोचना है।"

वर्मा ने इस बात पर भी जोर दिया कि सीनियर प्रोफेशनल्स को खुद से समस्याओं को पहचानना चाहिए, फैसले लेने चाहिए और फाउंडर या मैनेजर से लगातार इजाजत लेने के बजाय काम को आगे बढ़ाना चाहिए। लिंक्डइन पर कई यूजर्स ने वर्मा की इस लीडरशिप सोच को चुनौती दी। उनका कहना था कि अनुभवी प्रोफेशनल्स को भी कंपनी की उम्मीदों, प्राथमिकताओं और विजन के बारे में स्पष्टता की जरूरत होती है।

कई यूजर्स ने यह भी कहा कि हो सकता है कि वह कर्मचारी कोई बड़ा फैसला लेने से पहले फाउंडर की बड़ी स्ट्रैटेजी के साथ तालमेल बिठाने की कोशिश कर रहा हो। वहीं कुछ लोगों ने तर्क दिया कि स्टार्टअप्स अक्सर बाहर से तो इनोवेशन को बढ़ावा देने का दिखावा करते हैं, लेकिन अंदर से सवाल पूछने या टीम के साथ मिलकर चर्चा करने को हतोत्साहित करते हैं।

PREV

सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

Canada Jobs: पेड़ की टहनियां काटकर 1 घंटे में कमाया 43000 रुपया! भारतीय लड़के ने शेयर किया वीडियो
Amazon Job: 5 साल-8 बार रिजेक्शन, फिर मिली नौकरी! बेंगलुरु के इंजीनियर की कहानी वायरल