
करियर डेस्क : एक बार फिर दिल्ली (Delhi) प्रदूषण की चपेट में हैं। दिवाली (Diwali 2022) के बाद प्रदूषण बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसकी एक वजह पटाखे (Crackers) भी बताए जा रहे हैं। दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध होने के बावजूद भी बड़ी मात्रा में पटाखे जलाए जाते हैं। संसदीय समिति की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सस्ते पटाखें खतरनाक होते हैं। इनके निकलने वाली जहरीली गैसें प्रदूषण को बढ़ाते हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, दिवाली से पहले और दिवाली के बाद प्रदूषण लेवल में काफी बड़ा अंतर देखने को मिलता है। पिछले साल की बात करें तो दिवाली के एक दिन पहले तक AQI 382 था लेकिन दिवाली के अगले दिन AQI (Air Quality Index) 462 के स्तर पर पहुंच गया था। क्या आप जानते हैं कि जो पटाखे हम और आप जलाते हैं, उनसे कितना प्रदूषण फैलता है, आइए जानते हैं क्या कहते हैं DIU रिपोर्ट..
फुलझड़ी- इस रिपोर्ट के मुताबिक, एक फुलझड़ी जलाने पर 10,390 माइक्रोग्राम, क्यूबिक मीटर पार्टिकल्स निकलते हैं। यह 472 सिगरेट जलाने जितना होता है। बता दें कि एक सिगरेट जलाने पर PM2.5 के 22 माइक्रोग्राम, क्यूबिक मीटर पार्टिकल्स निकलते हैं।
चकरी- एक छोटी सी चकरी जलाने से 9,490 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर पार्टिकल्स निकलते हैं। यह 431 सिगरेट जलाने के जितना होता है।
अनार- अगर आप एक अनार जलाते हैं तो यह 4,860 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर पार्टिकल्स निकालता है। यह 221 सिगरेट जलाने के जितना होता है।
सांप गोली- सांप की एक गोली से 64,500 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर पार्टिकल्स निकलते हैं, यह 2932 सिगरेट जलाने के बराबर होता है।
1000 बम लड़ी- अगर कोई 1000 बम की लड़ी जलाता है तो उससे 38,540 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर पार्टिकल्स निकलते हैं। यह उतना होता है, जितना 1752 सिगरेट जलाने पर निकलता है।
हंटर बम- एक हंटर बम जलाने पर 28,950 माइक्रोग्राम/क्यूबिक मीटर पार्टिकल्स निकलते हैं। यह 1316 सिगरेट जलाने के बराबर होता है।
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