नौकरी के लिए बार-बार कर रहे हैं Apply, फिर भी जवाब नहीं? समझिए क्या होता है 'Ghost Job'

Anita Tanvi   | CMS
Published : Aug 21, 2026, 07:01 PM IST
Ghost Job

सार

'घोस्ट जॉब' वे नौकरी के विज्ञापन हैं जिनके लिए कंपनियां असल में भर्ती नहीं कर रही होतीं। यह उम्मीदवारों का समय बर्बाद करता है। इस पर लगाम लगाने के लिए एक नया कानून प्रस्तावित है, जो कंपनियों को पुराने विज्ञापन हटाने के लिए बाध्य करेगा।

आपने किसी नौकरी के लिए अप्लाई किया, महीनों बीत गए, कोई जवाब नहीं आया। लेकिन उसी नौकरी का विज्ञापन आपको बार-बार दिख रहा है। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो आप अकेले नहीं हैं। इसे 'घोस्ट जॉब' कहते हैं और अब नौकरी ढूंढने वाले इससे तंग आ चुके हैं। ये वो नौकरियां होती हैं जो असल में या तो मौजूद ही नहीं हैं, या फिर उन्हें भरने में कंपनी की कोई दिलचस्पी नहीं है। फिर भी इनके विज्ञापन लगातार चलते रहते हैं, जिससे उम्मीदवारों का कीमती वक्त और उम्मीदें दोनों बर्बाद होती हैं।

ये 'घोस्ट जॉब' का चक्कर क्या है?

'घोस्ट जॉब' यानी वो पद जिसका विज्ञापन तो है, पर भर्ती नहीं हो रही। कई बार तो ये पद पहले ही भर चुका होता है, लेकिन कंपनी उसका विज्ञापन हटाना भूल जाती है। वहीं कई मामलों में, कंपनी सक्रिय रूप से किसी को काम पर रख ही नहीं रही होती। इसकी वजह से नौकरी की तलाश कर रहे लोगों में भारी हताशा है। वे दर्जनों जगहों पर अप्लाई करते हैं और उन्हें लगता है कि कमी उन्हीं में है, जबकि असल में वो एक ऐसी दौड़ में भाग रहे होते हैं जिसकी कोई फिनिश लाइन ही नहीं है।

कंपनियां ऐसा करती क्यों हैं?

अब सवाल उठता है कि कंपनियां आखिर ऐसा करती क्यों हैं। इसके पीछे एक नहीं, बल्कि कई वजहें हैं। कुछ कंपनियां बाहर से ये दिखाना चाहती हैं कि वे लगातार तरक्की कर रही हैं और लोगों को काम पर रख रही हैं, भले ही ये सच न हो। एक और बड़ी वजह है 'कैंडिडेट पाइपलाइन' तैयार रखना। यानी कंपनी हमेशा अच्छे उम्मीदवारों की एक लिस्ट अपने पास तैयार रखना चाहती है। ताकि जब कोई कर्मचारी अचानक नौकरी छोड़े, तो तुरंत किसी को उसकी जगह पर रखा जा सके। कई बार एचआर डिपार्टमेंट सिर्फ ये देखना चाहता है कि बाजार में किस तरह का टैलेंट मौजूद है और लोग कितनी सैलरी की उम्मीद कर रहे हैं। और हां, कभी-कभी ये सिर्फ खराब मैनेजमेंट या आलस का भी नतीजा होता है, जहां पुराने विज्ञापनों को हटाने की जहमत कोई नहीं उठाता।

अब लगेगी लगाम, आ रहा है कानून

इस बढ़ती समस्या को देखते हुए अब lawmakers यानी कानून बनाने वाले भी हरकत में आ गए हैं। 'घोस्ट जॉब' पर रोक लगाने के लिए एक नए कानून का प्रस्ताव रखा गया है। अगर ये कानून पास हो जाता है तो कंपनियों की मनमानी पर लगाम लग सकती है। इस प्रस्तावित कानून के तहत, कंपनियों को नौकरी भर जाने के बाद या भर्ती प्रक्रिया रोकने के बाद एक तय समय के अंदर विज्ञापन हटाना अनिवार्य होगा। इससे उन फर्जी या पुराने विज्ञापनों से छुटकारा मिलेगा जो सिर्फ नौकरी ढूंढने वालों को परेशान करने का काम करते हैं। ये उन लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है जो एक अच्छी नौकरी की तलाश में हैं।

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About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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