Mother’s Day 2026: सत्ता के शिखर पर ‘मां’- आजाद भारत की 8 सबसे ताकतवर महिलाओं से मिलिए

Published : May 05, 2026, 12:36 PM IST

Mother's Day 2026: मदर्स डे 10 मई 2026, उस ताकत को सलाम करने का दिन है, जो परिवार से लेकर देश तक को संभाल सकती है। आजाद भारत की 8 ऐसी महिलाओं से मिलिए, जिन्होंने टॉप पदों तक पहुंचकर यह साबित किया कि संवेदनशीलता और सख्त फैसले, दोनों साथ चल सकते हैं।

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इंदिरा गांधी (Indira Gandhi): संकट में लौह इच्छाशक्ति

भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में इंदिरा गांधी ने 1966 से 1977 और फिर 1980 से 1984 तक देश का नेतृत्व किया। 1971 इंडो-पाक वार में उनकी निर्णायक भूमिका ने भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान दिलाई। एक मां के रूप में उन्होंने राजीव गांधी और संजय गांधी का पालन-पोषण किया, जबकि राजनीतिक उथल-पुथल के बीच परिवार को संभालना आसान नहीं था। दोनों ही बाद में राजनीति से जुड़े, जिनमें राजीव गांधी प्रधानमंत्री भी बने।

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प्रतिभा पाटिल (Pratibha Patil): परंपरा तोड़ने वाली नेता

प्रतिभा पाटिल 2007 में भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनीं। उनका राजनीतिक सफर महाराष्ट्र की विधानसभा से शुरू होकर देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचा। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा और सशक्तिकरण पर लगातार जोर दिया। उनका एक बेटा और एक बेटी हैं। बेटे का नाम रावसाहेब शेखावत (राजेन्द्र सिंह शेखावत) है, जो एक राजनीतिज्ञ हैं। उनकी बेटी का नाम ज्योति राठौर है।

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द्रौपदी मुर्मू (Droupadi Murmu): संघर्ष और साहस की प्रतीक

भारत की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति बनने तक का उनका सफर बेहद कठिन रहा। उन्होंने अपने पति और दो बेटों को खोने जैसी निजी त्रासदियों का सामना किया, फिर भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहीं। उनकी कहानी दिखाती है कि एक मां की दृढ़ता किस तरह असंभव को संभव बना सकती है। उनकी एक बेटी इतिश्री मुर्मू हैं, जो बैंक में काम करती हैं और उनके जीवन का सहारा बनी रहीं। यह कहानी एक मां की असाधारण दृढ़ता को दिखाती है।

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सोनिया गांधी (Sonia Gandhi): पर्दे के पीछे की शक्ति

राजीव गांधी की हत्या के बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और लंबे समय तक कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं। United Progressive Alliance (UPA) के दौर में वे सत्ता की मुख्य रणनीतिकार रहीं। मां के रूप में उन्होंने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को सार्वजनिक जीवन के लिए तैयार किया। आज दोनों सक्रिय राजनीति में हैं।

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सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj): संवेदनशील नेतृत्व का चेहरा

विदेश मंत्री (2014–2019) के रूप में उन्होंने भारतीयों की मदद के लिए ट्विटर को एक प्रभावी माध्यम बनाया। विदेश में फंसे भारतीयों को तुरंत सहायता देना उनकी पहचान बन गया। एक मां के रूप में भी उन्होंने पारिवारिक जीवन को प्राथमिकता देते हुए संतुलन कायम रखा। उनकी एक बेटी हैं बांसुरी स्वराज जो कानून के क्षेत्र में कुछ समय रहने के बाद अब सक्रिय राजनीति में हैं और लोकसभा की मेंबर हैं।

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निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman): आर्थिक फैसलों की धुरी

भारत की पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री (2019 से)। उन्होंने रक्षा मंत्री के रूप में भी सेवा दी, जो अपने आप में ऐतिहासिक है। बजट और आर्थिक नीतियों में बड़े फैसले लेते हुए उन्होंने दिखाया कि नेतृत्व में धैर्य और स्पष्टता कितनी जरूरी है। उनकी एक बेटी हैं परकला वांग्मयी, जो एक पत्रकार के रूप में काम करती हैं। परिवार और करियर के बीच संतुलन उनकी पहचान है।

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शीला दीक्षित (Sheila Dikshit): शहरी विकास की शिल्पकार

दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री (1998–2013) रहीं। उनके कार्यकाल में राजधानी में बुनियादी ढांचे और परिवहन में बड़ा बदलाव आया जैसे दिल्ली मेट्रो का विस्तार। परिवार और राजनीति दोनों में संतुलन उनकी पहचान रहा। उनके एक बेटे संदीप दीक्षित भी राजनीति में सक्रिय रहे और सांसद बने जबकि बेटी लतिका दीक्षित हैं।

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ममता बनर्जी (Mamata Banerjee): जमीनी संघर्ष से शिखर तक

‘दीदी’ के नाम से लोकप्रिय ममता बनर्जी ने लंबे संघर्ष के बाद पश्चिम बंगाल की सत्ता हासिल की। सिंगूर आंदोलन और नंदीग्राम आंदोलन जैसे आंदोलनों में उनकी भूमिका निर्णायक रही। वे भले पारंपरिक अर्थों में मां न हों, लेकिन लाखों समर्थकों के लिए एक संरक्षक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाती हैं।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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