मोंटी पनेसर ने कहा- खौफ के साए में जीते हैं ब्लैक, एशियाई लोग कभी-कभार ही झेलते हैं नस्लवाद

Published : Jul 15, 2020, 11:23 AM ISTUpdated : Jul 15, 2020, 11:37 AM IST
मोंटी पनेसर ने कहा- खौफ के साए में जीते हैं ब्लैक, एशियाई लोग कभी-कभार ही झेलते हैं नस्लवाद

सार

पनेसर ने कहा कि दक्षिण एशियाई समुदाय को यदा-कदा ही सुनना पड़ता है, लेकिन अश्वेतों को नियमित आधार पर यह सब सहना पड़ता है। सिख समुदाय दशकों से समाज सेवा कर रहा है और प्यार का संदेश फैला रहा है। लोग उसकी सराहना करके हमें वह प्यार लौटाते हैं।

स्पोर्ट्स डेस्क । भारतीय मूल के इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर नस्लवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में दक्षिण एशियाई प्रवासियों को यदा-कदा ही नस्लवाद का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसकी तुलना अश्वेत समुदाय के साथ रोजमर्रा की जिंदगी में हो रहे बर्ताव से नहीं की जा सकती। उनके देश में अश्वेत समुदाय के साथ नस्लवाद खत्म होना चाहिए। अधिकारियों को पांच साल की योजना बनाकर इसे खत्म करना चाहिए।

खौफ के साए जीते अश्वेत 
भारतीय मूल के इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने कहा कि यदि कोई यहां काला रंग चढ़ी खिड़कियों वाली कार चलाता है और वह अश्वेत है तो पुलिस उसकी कार जरूर रोकेगी। यहां अश्वेत लोग रोज पुलिस के खौफ के साए में जीते हैं। मैंने माइकल होल्डिंग जैसा दमदार भाषण किसी का नहीं देखा और क्रिकेट के जरिए ही नस्लवाद को खत्म करने से बेहतर क्या हो सकता है।
 
अश्वेतों को यह सब पड़ता है सहना 

पनेसर ने कहा कि दक्षिण एशियाई समुदाय को यदा-कदा ही सुनना पड़ता है, लेकिन अश्वेतों को नियमित आधार पर यह सब सहना पड़ता है। सिख समुदाय दशकों से समाज सेवा कर रहा है और प्यार का संदेश फैला रहा है। लोग उसकी सराहना करके हमें वह प्यार लौटाते हैं।

PREV

Recommended Stories

T20 WC Final Pitch Report: अहमदाबाद की पिच किसका देगी साथ? बबल्लेबाजों या गेंदबाजों में किसे मिलेगी मदद
T20 WC Final: संजू सैमसन को वॉर्निंग- 'वो गेंदबाज पहले भी तुम्हें आउट कर चुका है, संभलकर खेलना'