दिल्ली की छतरपुर सीट से थी बीजेपी को उम्मीदें लेकिन यहां भी हारे, आप के करतार सिंह जीते

Published : Jan 28, 2020, 03:08 PM ISTUpdated : Feb 11, 2020, 07:01 PM IST
दिल्ली की छतरपुर सीट से थी बीजेपी को उम्मीदें लेकिन यहां भी हारे, आप के करतार सिंह जीते

सार

छतरपुर से आम आदमी पार्टी के करतार सिंह जीत गए हैं। करतार सिंह ने बीजेपी के ब्रह्म सिंह तंवर को शिकस्त दी। करतार सिंह को 69411 वोट मिले, जबकि बीजेपी कैंडिडेट ब्रह्मसिंह तंवर को 65691 मत मिले।

नई दिल्ली. विधानसभा सीट क्रमांक 46 छतरपुर से आम आदमी पार्टी के करतार सिंह जीत गए हैं। करतार सिंह ने बीजेपी के ब्रह्म सिंह तंवर को शिकस्त दी। करतार सिंह को 69411 वोट मिले, जबकि बीजेपी कैंडिडेट ब्रह्मसिंह तंवर को 65691 मत मिले। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार सतीश लोहिया को महज 3874 वोटो से संतोष करना पड़ा। 2015 चुनाव की बात करें तो आप प्रत्याशी करतार सिंह तंवर को 67645 वोट मिले थे। वहीं दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के ब्रह्म सिंह तंवर को 45405 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के बलराम तंवर को 9339 वोट प्राप्त हुए थे। छतरपुर विधानसभा सीट पर वोटर्स की कुल संख्या 185092 है।

छतरपुर (2015)
विजेता- करतार सिंह तंवर (आप), वोट मिले -  67645
रनरअप - ब्रह्म सिंह तंवर (बीजेपी), वोट मिले - 45405
कुल वोटर्स - 185092

यह स्थान कात्यायनी शक्ति पीठ के लिए मशहूर है, लेकिन बहुत कम लोग जानते होंगे कि जिस स्थान को छतरपुर कहा जाता है, उसका असली नाम क्या है। असली से मतलब छतरपुर मंदिर के नाम से है। छतरपुर मंदिर की स्थापना 1974 में कर्नाटक के एक संत बाबा नागपाल ने की थी। पहले यह यहां सिर्फ एक कुटिया थी। आगे चल कर यह मंदिर 70 एकड़ के क्षेत्र में फैल गया। नवरात्रों में यहां आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ में माता के दर्शन के लिए काफी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। खास बात यह है कि माता के श्रृंगार के लिए रोज ही दक्षिण भारत से अलग-अलग रंगों के फूलों की माला मंगवाई जाती है।

 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Viral Video: बाइक पर पत्नी ने 27 सेकेंड में पति को जड़े 14 थप्पड़, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
Viral Road Rage Video: HR नंबर प्लेट Thar के कारनामें ने इंटरनेट पर मचाई खलबली,कार्रवाई कब?