
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा की करोल बाग सीट (Karol Bagh assembly constituency) सुरक्षित सीट है। इसे 1993 में बनाया गया था। यह नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। बीजेपी के कैंडिडेट 3 बार इस सीट से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इस बार आप के विशेष रवि ने जीत दर्ज की। जबकि बीजेपी के योगेंद्र चंदोलिया दूसरे नंबर पर रहे।
पहली बार बीजेपी ने दी थी कांग्रेस को मात
साल 1993 में बनी इस सीट पर मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच था। जिसपर बीजेपी के एसपी रतवा ने कांग्रेस के सुंदरवती को 11,389 वोट से हराया था। एसपी रतवा को कुल 26,794 और सुंदरवती को 15,405 वोट मिले थे।
आप ने बीजेपी से छीन ली थी ये सीट
2003, 2008 में लगातार जीत दर्ज करने वाली बीजेपी को 2013 में हार का सामना करना पड़ा था। आप के विशेष रवि ने 35,818 वोट के साथ जीत दर्ज की थी। जबकि बीजेपी के सुरेंद्र 34,068 वोटों के साथ दूसरे नंबर और कांग्रेस के मदन 29,358 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहे थे। 2015 में भी आप के विशेष रवि ने अपनी जीत को कायम रखा और 67,429 वोटों के साथ विजयी रहे। जबकि बीजेपी के योगेंद्र को 34,549 और कांग्रेस के मदन को 9,144 वोट से संतोष करना पड़ा।
यह अंग्रेजों के जमाने से ही दिल्ली का मुख्य बाजार और रिहायशी इलाका रहा है। एक जमाने में करोल बाग से जामा मस्जिद तक की इक्का दौड़ मशहूर थी। यहां का गफ्फार मार्केट, बाइक मार्केट और कार मार्केट मशहूर है। यहां बाहर से भी बड़ी संख्या में लोग खरीददारी करने आते हैं। यहां अजमल खां रोड पर रेडीमेड, सूती और कढ़ाई वाले कपड़े काफी मिलते हैं। आर्य समाज रोड पर पुरानी किताबों का बाजार है। करोल बाग के नाम पर सीरियल भी बन चुका है।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.