
नई दिल्ली. भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक विजेंद्र गुप्ता ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर उनसे उस परिपत्र को वापस लेने का अनुरोध किया जिसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री के रूप में उनके शपथ ग्रहण समारोह में सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों के लिए उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है।
आदेश के कारण 15000 शिक्षकों को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना होगा
दिल्ली की पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे गुप्ता ने शुक्रवार को जारी किये गये इस परिपत्र को ‘तानाशाही’ करार दिया है और कहा कि इससे उनका यह विश्वास ‘चकनाचूर’ हो गया है कि सत्ता में आने के बाद केजरीवाल का जोर शासन और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत बनाने पर होगा। उन्होंने कहा, ‘‘ इस आदेश की वजह से, 15000 शिक्षकों और अधिकारियों को शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना होगा।’’
AAP ने 62 सीटें जितकर सत्ता में जोरदार वापसी की है
रोहिणी विधानसभा क्षेत्र से फिर निर्वाचित हुए गुप्ता ने कहा कि वह रविवार को रामलीला मैदान में केजरीवाल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे। गुप्ता की आपत्ति पर दिल्ली डायलॉग एवं डेवलपमेंट कमिशन के उपाध्यक्ष जस्मीन शाह ने कहा कि शिक्षक और प्राचार्य पिछले पांच सालों में दिल्ली के बदलाव के ‘शिल्पी’ हैं और वे शपथ ग्रहण समारोह में ‘आमंत्रित किये जाने के हकदार’ हैं। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ भाजपा ने अपने विकास मॉडल में शिक्षकों को केंद्र में रखकर अंतिम बार कब सोचा था? न पहले कभी सोचा था, न आगे कभी सोचेंगे।’’
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों में 62 सीटें जीतकर सत्ता में जबर्दस्त वापसी की है।
केजरीवाल और उनके मंत्री रविवार को एक भव्य समारोह में शपथ लेंगे।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
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