दिल्ली के चुनाव में देर से उतरे राहुल गांधी के आरोप, सबकुछ बेच डालेगी मोदी सरकार

Published : Feb 05, 2020, 01:49 PM IST
दिल्ली के चुनाव में देर से उतरे राहुल गांधी के आरोप, सबकुछ बेच डालेगी मोदी सरकार

सार

 कांग्रेस ने मंगलवार को अपने शीर्ष नेताओं -- मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिल्ली में चुनाव प्रचार के लिए उतारा। साथ ही, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएसयू की तरह ‘‘ताजमहल भी बेच सकते हैं।’’

नई दिल्ली. कांग्रेस ने मंगलवार को अपने शीर्ष नेताओं -- मनमोहन सिंह, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को दिल्ली में चुनाव प्रचार के लिए उतारा। साथ ही, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएसयू की तरह ‘‘ताजमहल भी बेच सकते हैं।’’

राहुल के साथ प्रियंका गांधी भी रैली में  थी मौजूद

राहुल ने जंगपुरा और संगम विहार में दो रैलियों को संबोधित किया, जबकि उनकी बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने उनकी दूसरी रैली में उनके साथ मंच साझा किया। दोनों भाई-बहन ने मोदी एवं भाजपा तथा अरविंद केजरीवाल एवं आप पर घृणा फैलाने और रोजगार के लिए कुछ नहीं करने का आरोप लगाया। ऐसा पहली बार है कि दिल्ली चुनाव के प्रचार अभियान में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व अपने उम्मीदवारों के लिए प्रचार के लिए उतरे हैं। सोमवार को केवल राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने चुनावी रैलियों को संबोधित किया था।

मनमोहन ने कहा शर्म की बात है कि पढ़े लिखे युवा बेराजगार हैं

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को कहा कि यह शर्म की बात है कि पढ़े लिखे होने के बावजूद हमारे युवकों को रोजगार के लिए भटकना पड़ता है और ऐसे में यदि दिल्ली में कांग्रेस सत्ता में आती है तो बेरोजगारी से निपटने के लिए ‘ठोस कदम’ उठाये जायेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने तिलक नगर में एक चुनाव सभा में कहा, ‘‘ मैं कुछ ऐसे मुद्दे उठाना चाहता हूं जो आज युवाओं से जुड़े हैं। शिक्षा पर इतना सारा पैसा खर्च करने के बाद भी उन्हें रोजगार के लिए भटकना पड़ता है। यह शर्म की बात है।’’ मशहूर अर्थशास्त्री सिंह ने यह भी कहा कि दिल्ली में बेरोजगारी की दर पिछले चार महीने में 15 फीसद थी जो अन्य स्थानों की तुलना में बहुत ज्यादा है।

एक भारतीय को दूसरे भारतीय से लड़ाना चाहते हैं मोदी, केजरीवाल

भाजपा और ‘आप’ पर समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की दिलचस्पी नौजवानों को नौकरी देने में नहीं है। इसके उलट वे सत्ता में रहने के लिए एक भारतीय को दूसरे भारतीय से लड़ाना चाहते हैं। दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले अपनी पहली रैली में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि देश का मौजूदा माहौल, नफरत, हिंसा और महिलाओं पर हमले से भारत को नुकसान पहुंच रहा है और लोगों को इससे फायदा नहीं हो रहा है।

राहुल ने कहा भाजपा को धर्म का कोई ज्ञान नहीं

गांधी ने आर्थिक मंदी और बेरोज़गारी के मुद्दे से नहीं निपटने और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए भाजपा को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, ‘‘ वे (भाजपा) हिन्दू धर्म की बात करते हैं, वे इस्लाम की बात करते हैं, वे सिख धर्म की बात करते हैं। उन्हें धर्म का कोई ज्ञान नहीं है। हिन्दू धर्म, इस्लाम, ईसाई, सिख धर्म में कहां लिखा है कि अन्य लोगों पर हमला करो, उनका दमन करो?’’ जंगपुरा से कांग्रेस प्रत्याशी तरविंदर सिंह मारवाह के पक्ष में आयोजित रैली में गांधी ने कहा कि मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का यह कैसा हिंदू धर्म है? हिंदू धर्म में सबको साथ लेकर चलने की बात है। गांधी ने भीड़ से पूछा, ‘‘ जो लोग देशभक्तों को आपस में लड़वाते हैं, क्या वे देशभक्त हो सकते हैं? ’’

मोदी ताजमहल भी बेच सकते हैं

गांधी ने कहा, ‘‘चीन को छोड़कर पूरी दुनिया भारत में निवेश करना चाहती है, लेकिन जब वे भारत की ओर देखते हैं तो उन्हें अब नफरत, हिंसा, बलात्कार, गुंडागर्डी, हत्याएं दिखती हैं। पिछले पांच वर्षों में आप जहां भी देखते हैं, एक भारतीय दूसरे भारतीय से घृणा से बात करता है। यह हमारा इतिहास नहीं है। यह प्रेम का देश है।’’ उन्होंने सरकार पर इंडियन ऑयल, एयर इंडिया, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और रेलवे के साथ-साथ लाल किले को बेचने का भी आरोप लगाया गांधी ने कहा, ‘‘ वह (मोदी) ताजमहल भी बेच सकते हैं।’’

मोदी अपने भाषणों में बेरोजगारी पर जिक्र तक नहीं करते- प्रियंका

प्रियंका गांधी ने संगम विहार में अपने भाई राहुल गांधी के साथ संयुक्त रैली में बेरोजगारी के चरम पर पहुंच जाने का हवाला देते हुए कहा, ‘‘ जब प्रधानमंत्री आपके सामने भाषण देने आते हैं तो वह इसका (बेरोजगारी का) जिक्र तक नहीं करते। क्या वह हमें बता सकते हैं कि नौकरियों का जाना महज संयोग है या प्रयोग? क्या वह बता सकते हैं कि 35 सालों में बेरोजगारी दर सबसे अधिक ऊंचाई पर क्यों पहुंच गयी है? यह क्या संयोग है, या उनका प्रयोग है?’’ मोदी पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि विपक्ष उन्हें काम नहीं करने देता लेकिन फिर भी वह तेज गति से काम कर रहे हैं।

अगर दिल्ली में काम बोल रहा है तो प्रचार की क्या जरुरत है

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ यह सच है कि सरकारी कंपनियां बेची जा रही हैं। उन्होंने एलआईसी, बीपीसीएल, एयर इंडिया, बीएसएनएल बेच दिया और वे रेलवे को भी बेचने की योजना बना रहे हैं। वाकई उनकी रफ्तार तेज है।’’ प्रियंका गांधी ने कहा कि भाजपा कहती है कि वह दिल्ली को उत्तर प्रदेश जैसा बनाना चाहती है । प्रियंका ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तो अपराध एवं अराजकता है और विकास का कोई नामोनिशान नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री प्रचार में करोड़ों रूपये लगाते हैं, केजरीवाल उनसे कोई ज्यादा पीछे नहीं हैं, तो सवाल उठता है कि यदि काम बोल रहा है तो प्रचार की जरूरत क्या है ?

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

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