
नई दिल्ली। सीलमपुर विधानसभा (Seelampur constituency) सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल रहमान जीते हैं। रहमान ने बीजेपी के कौशल कुमार मिश्रा को हराया। आप को 72694, बीजेपी को 35774 जबकि कांग्रेस के चौधरी मतीन अहमद को 20247 वोट मिले। सीलमपुर में एक जमाने में पार्टियों का बोलबाला नहीं बल्कि एक शख्स की चलती थी। 1993 के चुनाव को छोड़ दें तो इस शख्स की जीत का अंतर हमेशा विरोधी को मिलने वाले मतों से ज्यादा रहता था। मगर 2015 में आप की आंधी में इस शख्स का किला ढह गया। हम जिसकी बात कर रहे हैं उनका नाम मतीन अहमद है। सीलमपुर, मतीन अहमद की परंपरागत सीट है। ये सीट सामान्य है और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली लोकसभा सीट में आती है।
बीजेपी को कभी नहीं मिली है ये सीट
विधानसभा गठन के बाद 1993 से 2013 तक मतीन लगातार सीलमपुर विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते रहे। मतीन ने पहली बार जनता दल के उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीता। फिर 1998 में निर्दलीय विधायक बने। इसके बाद 2003 से 2013 तक कांग्रेस के टिकट पर विधायक रहे। पहले चुनाव को छोड़ दिया जाए तो मतीन की जीत का अंतर दूसरे नंबर के प्रत्याशी को मिलने वाले वोटों से ज्यादा रहता था। इस सीट पर बीजेपी खाता नहीं खोला है।
2015 में ढह गया मतीन का किला
2015 में दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और आप की आंधी थी। इसमें मतीन का अभेद्य दुर्ग भी ढह गया। यहां से रिकॉर्ड वोटों से जीतने वाले मतीन तीसरे नंबर पर चले गए। आप के उम्मीदवार मोहम्मद इसराक ने 57 हजार वोट लेकर बीजेपी के संजय जैन को 25 हजार से ज्यादा मतों से मात दी थी।
सीलमपुर उत्तर-पूर्ली दिल्ली में स्थित है। सीलमपुर की स्थापना उन लोगों को बसाने के लिए खास तौर पर की गई थी, उत्तर और मध्य दिल्ली में जिनके घरों को इमरजेंसी के दौरान नेस्तनाबूद कर दिया गया था। सीलमपुर का काफी विकास हुआ है। यहां अच्छे मार्केट हैं। खासकर, गर्म कपड़ों के बाजार यहां लगते हैं। कहा जाता है कि यहां का जैकेट मार्केट देश के बड़े बाजारों में से एक है। यहां श्री सनातन धर्म मंदिर और राधा कृष्ण मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण के केंद्र हैं।
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