Asrani Funeral: क्या थी असरानी की आखिरी इच्छा, अंतिम संस्कार में क्यों शामिल हुए सिर्फ 20 लोग?

Published : Oct 21, 2025, 07:42 AM ISTUpdated : Oct 21, 2025, 07:46 AM IST
Asrani Funeral

सार

एक्टर गोवर्धन असरानी का 84 साल की उम्र में निधन हो गया। फेफड़ों में पानी भरने से उनकी मौत हुई। वहीं अब उनकी मौत के बाद उनकी आखिरी इच्छा का खुलासा हुआ है। ऐसे में आइए जानते हैं इसके बारे में..

सुपरहिट फिल्मों में नजर आए गोवर्धन असरानी का 20 अक्टूबर की दोपहर 1 बजे निधन हो गया है। उन्होंने 84 साल की उम्र में आखिरी सांस ली थी। फेफड़ों में पानी भरने की वजह से असरानी चार दिन से हॉस्पिटल में भर्ती थे और यही उनकी मौत का कारण बना। वहीं अब मौत के बाद असरानी के मैनेजर बाबूभाई थिबा ने कई खुलासे किए। साथ ही उन्ही आखिरी इच्छा के बारे में भी बताया।

असरानी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए कितने लोग?

असरानी के मैनेजर बाबूभाई थिबा ने बताया, 'असरानी ने अपने निधन से पहले अपनी पत्नी से इच्छा जाहिर की थी कि उनकी मौत की खबर किसी को न दी जाए, क्योंकि वो किसी तरह का हंगामा या भीड़भाड़ नहीं चाहते थे। उन्होंने साफ कहा था कि अंतिम संस्कार के बाद ही लोगों को इसकी जानकारी दी जाए। इसी इच्छा का सम्मान करते हुए, उनके निधन के तुरंत बाद सांताक्रूज के शांतिनगर श्मशान में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया, जिसमें केवल परिवार के 15-20 करीबी लोग ही मौजूद हुए।

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कौन थे असरानी?

गोवर्धन असरानी का जन्म राजस्थान के जयपुर में हुआ था। उन्होंने अपने पांच दशक से लंबे करियर में 350 से अधिक फिल्मों में एक्टिंग किया। असरानी ने 1970 में फिल्मों में अपने एक्टिंग की शुरुआत की, लेकिन उन्हें असली पहचान फिल्म 'मेरे अपने' से मिली। 1975 की क्लासिक फिल्म 'शोले' में उन्होंने सनकी जेलर का किरदार निभाया, जिसने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा। भले ही फिल्म में उनका स्क्रीन टाइम कम था, लेकिन उनका डायलॉग 'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं' आज भी याद किया जाता है। असरानी ने 1970 के दशक में 101 और 1980 के दशक में 107 फिल्मों में काम करते हुए बतौर कैरेक्टर और कॉमिक एक्टर अपनी खास पहचान बनाई। फिल्मों के साथ-साथ उन्होंने टेलीविजन पर भी लोकप्रियता हासिल की, खासकर 1985 में दूरदर्शन पर प्रसारित हुए धारावाहिक 'नटखट नारद' में नारद की भूमिका के लिए। असरानी 1970 और 1980 के दशकों में हिंदी सिनेमा का एक जाना-पहचाना चेहरा बन गए थे, खासकर हास्य भूमिकाओं में। उस दौर की लगभग हर फिल्म में उनकी मौजूदगी देखने को मिलती थी। अपने शानदार अभिनय के लिए असरानी को 'आज की ताजा खबर' और 'बालिका बधू' फिल्मों में सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला था।

 

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