
S Janaki Death News: भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखी करने वाली खबर आ रही है। अपनी मीठी आवाज से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली देश की दिग्गज सिंगर एस जानकी का शनिवार को निधन हो गया। 88 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। उन्हें पूरे देश में प्यार से 'साउथ की नाइटिंगेल' और 'जानकी अम्मा' कहा जाता था। उनकी पोती अप्सरा वैद्युला ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर कर इस खबर की पुष्टि की। अप्सरा ने बताया कि जानकी अम्मा ने अपने परिवार के बीच बेहद शांति से आखिरी सांस ली। परिवार ने इस दुख की घड़ी में फैंस से प्राइवेसी बनाए रखने की अपील की है।
जानकी अम्मा की पोती अप्सरा ने इंस्टाग्राम पर लिखा, 'बेहद भारी मन से मुझे यह बताना पड़ रहा है कि मेरी प्यारी दादी और महान सिंगर एस जानकी अब हमारे बीच नहीं रहीं। वो अपने परिवार के प्यार के बीच शांति से विदा हुईं। हमारा दिल भले ही भारी है, लेकिन हम उनके उस शानदार जीवन के लिए भगवान के शुक्रगुजार हैं, जिसने अपनी अमर आवाज से करोड़ों लोगों की जिंदगी में खुशियां बिखेरीं।' उन्होंने आगे लिखा कि दुनिया के लिए वो भले ही एक बड़ी स्टार थीं, लेकिन हमारे लिए वो एक बेहद दयालु, जमीन से जुड़ी और प्यारी दादी थीं जिनकी यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी।
एस जानकी का जन्म 23 अप्रैल 1938 को आंध्र प्रदेश (तब के मद्रास प्रेसिडेंसी) के गुंटूर जिले के पल्लापतला में हुआ था। उनके पिता सिस्तला श्रीराममूर्ति एक आयुर्वेदिक डॉक्टर और टीचर थे। जानकी अम्मा ने क्लासिकल म्यूजिक की कोई बड़ी या फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं ली थी। उन्होंने नादस्वरम के उस्ताद पाइदीस्वामी से संगीत की बस बेसिक बातें सीखी थीं। जब वह महज 9 साल की थीं, तभी उन्होंने पहली बार स्टेज पर परफॉर्म कर दिया था। साल 1959 में उन्होंने वी रामप्रसाद से शादी की, जिन्होंने उनके करियर में उनका पूरा साथ दिया। साल 1997 में दिल का दौरा पड़ने से उनके पति का निधन हो गया था।
जानकी अम्मा सिर्फ तेलुगु ही नहीं तमिल, कन्नड़, मलयालम और हिंदी जैसी कई भाषाएं बहुत आसानी से बोल और लिख लेती थीं। उन्होंने सिर्फ 19 साल की उम्र में 1957 में आई तमिल फिल्म 'विंध्यिन विलायट्टू' से प्लेबैक सिंगिंग की दुनिया में कदम रखा था। पहले ही साल में उन्होंने 6 अलग-अलग भाषाओं में गाने रिकॉर्ड कर दिए थे। उन्होंने लगभग 60 सालों तक संगीत की दुनिया पर राज किया। साल 2016 में उन्होंने फिल्मों और स्टेज शो से संन्यास ले लिया था। हालांकि, साल 2018 में वो अपने फैंस के लिए एक बार फिर तमिल फिल्म 'पन्नाडी' के लिए माइक के सामने आईं और अपना आखिरी गाना रिकॉर्ड किया।
एस जानकी की जादुई आवाज का ही कमाल था कि उनके खाते में अवॉर्ड्स की कभी कमी नहीं रही। उन्होंने अपने करियर में 4 बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड (National Film Awards) अपने नाम किया। अलग-अलग राज्यों से कुल 33 स्टेट फिल्म अवॉर्ड्स जीते। उन्होंने अपने छह दशक से ज्यादा लंबे करियर में तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और हिंदी समेत कई भाषाओं में 20,000 से भी ज्यादा गाने गाकर एक ऐसा इतिहास रचा। उनकी आवाज कई पीढ़ियों की यादों का हिस्सा बन गई। चाहे रोमांटिक गीत हों, भक्ति गीत या भावुक नगमे, हर तरह के गानों में उनकी अलग पहचान रही।
साल 2013 में केंद्र सरकार ने एस जानकी को पद्म भूषण देने का ऐलान किया था। लेकिन उन्होंने यह सम्मान लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि संगीत के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान बहुत देर से दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न के लिए भी विचार किया जाना चाहिए।
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