उज्जैन. बिना नमक के हमारा भोजन अधूरा माना जाता है। अगर किसी डिश में नमक कम हो तो उसके लिए की गई पूरी मेहनत बेकार समझी जाती है। नमक सिर्फ खाने के लिए ही बल्कि कई बार तंत्र-मंत्र व वास्तु के उपायों में काम में लिया जाता है। हिंदू धर्म में नमक से जुड़ी कई मान्यताएं (Hindu Traditions) और परंपराएं प्रचलित हैं जैसे किसी से नमक उधार नहीं लेना चाहिए और नमक का वेस्टेज करने से कर्ज बढ़ता है। आज हम आपको इन्हीं मान्यताओं से जुड़ी बातें बता रहे हैं, जो इस प्रकार है…
किसी से नमक क्यों उधार नहीं लेना चाहिए?
अक्सर हमारे पड़ोसी जरूरत पड़ने पर हमसे चीनी, आटा, दूध आदि चीजें उधार के रूप में मांग लेते हैं जो वे हमें बाद में लौटा भी देते हैं लेकिन कभी कोई किसी से नमक उधार नहीं लेता। इसके पीछे मान्यता है कि नमक उधार लेने से हमारे परिवार पर आर्थिक संकट आ सकता है और निगेटिविटी बढ़ सकती है। इसका असर परिवार के सभी सदस्यों पर देखने को मिल सकता है। इतना ही नहीं हिंदू धर्म में नमक उधार देना भी अशुभ माना जाता है।
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नमक की चोरी क्यों नहीं होती?
हम अक्सर देखते हैं कि किराना दुकानों पर नमक की बोरियां बाहर ऐसे ही पड़ी रहती है। कई बार तो दुकानदार अपनी दुकान को बाहर नमक की बोरियां रखकर घर भी चला जाता है क्योंकि उसे नमक चोरी होने का कोई भय नहीं रहता। नमक चोरी न होने के पीछे कई कारण है, एक तो नमक बहुत सस्ती वस्तु है, दूसरा ये कि किसी का नमक खाने के बाद आप उसके प्रति वफादार हो जाते हैं और उसका अहित नहीं कर सकते। यही कारण है कि नमक की चोरी करना महापाप माना जाता है।
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नमक का अपव्यय बढ़ाता है कर्ज
कई बार जब गलती से नमक जमीन पर गिर जाता है तो ये कहा जाता है कि ऐसा होने से कर्ज बढ़ता है। इसके पीछे ज्योतिष का कारण छिपा है। ज्योतिष शास्त्र में नमक को शुक्र ग्रह का कारक माना जाता है। शुक्र ग्रह से ही हमें जीवन में सभी तरह के ऐशो-आराम आदि मिलते हैं। नमक का अपव्यय करने से शुक्र ग्रह कमजोर होता है, इस वजह ये कहा जाता है कि नमक गिरने से कर्ज बढ़ता है।
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नमक के उपाय से दूर होती है निगेटिविटी
वास्तु शास्त्र के अनुसार, नमक में निगेटिविटी को सोखने की क्षमता होती है इसलिए घर में पोछा लगाते समय पानी में थोड़ा नमक भी मिला लेना चाहिए। ऐसा करने से घर में पॉजिटिविटी बनी रहती है और इसका फायदा घर के सभी सदस्यों को किसी न किसी रूप में जरूर मिलता है। बाथरूम में एक कटोरी नमक भरकर रखने से भी वास्तु दोष दूर होता है।
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नमक का दान माना गया है शुभ
धर्म ग्रंथों में नमक दान करने की परंपरा भी बताई गई है। मान्यता के अनुसार, ब्राह्मण को जब भोजन सामग्री जैसे आटा, दाल-चावल आदि चीजें दान की जाती है तो उसमें नमक भी विशेष रूप से दिया जाता है। नमक दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और साथ ही शुक्र ग्रह भी मजबूत होता है, जिससे हमें भौतिक सुख-संपत्ति प्राप्त होती है।
Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।
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