उज्जैन. हिंदू धर्म में वैसे तो हर त्योहार चंद्रमा की तिथि के अनुसार मनाया जाता है, लेकिन मकर संक्रांति एकमात्र ऐसा त्योहार है जो सूर्य के राशि परिवर्तन की खुशी में मनाया जाता है। इस बार मकर संक्रांति (Makar Sankranti 2023) का पर्व 15 जनवरी, रविवार को है। मकर संक्रांति पर पवित्र नदी में स्नान करने और जरूरतमंदों का दान करने का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, इस दिन कुछ काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए, नहीं तो निकट भविष्य में हमें परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आगे जानिए कौन-से हैं वो 5 काम…
किसी को खाली हाथ न लौटाएं
मकर संक्रांति पर दान करने का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस दिन अगर कोई व्यक्ति हमारे घर कुछ आशा लेकर आए तो उसे खाली हाथ न लौटाएं। अपनी इच्छा के अनुसार, उसे पैसे, भोजन, कच्चा अनाज जैसे दाल-चावल और कपड़े आदि जरूर दें। अगर इतना सब देना संभव न हो तो जो भी आपका मन करे, वो उसे दे दें। जो व्यक्ति मकर संक्रांति पर किसी व्यक्ति को अपने घर से खाली हाथ लौटाता है उसे निकट भविष्य में पैसों की तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
25
मांसाहार का सेवन न करें
मकर संक्रांति को बहुत ही शुभ माना गया है। धर्म ग्रंथों में इसे पर्व यानी त्योहार की संज्ञा दी गई है। इस दिन कोई भी धर्म विरुद्ध कार्य नहीं करना चाहिए। इस दिन सात्विक भोजन ही करना चाहिए। भूलकर भी इस दिन मांसाहार का सेवन न करें। जो लोग ऐसा करते हैं उनके परिवार में कलह की स्थिति बनती है और परिवार के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ हो जाते हैं। बाद में ये स्थिति और भी विकट हो सकती है।
35
नशा करने से बचें
कुछ लोग मकर संक्रांति पर नशा करके एंजॉय करते हैं। मकर संक्रांति स्नान-दान का पर्व है न कि एंजॉय करने का। इसलिए मकर संक्रांति पर भूलकर भी किसी तरह का नशा जैसे शराब, गांजा या अन्य कोई न करें। ऐसा करने से आप मकर संक्रांति के शुभ फल पाने से वंचित रह सकते हैं और भविष्य में आपको इसके बुरे परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ऐसे लोगों को समाज में अपमान का सामना करना पड़ सकता है।
45
किसी पर क्रोध न करें
मकर संक्रांति संयम का पर्व है यानी खुद पर नियंत्रण रख जरूरतमंदों की मदद करने का। इस दिन भूलकर भी किसी पर क्रोध न करें, ऐसा करने से मन की स्थिति विचलित होती है और गलत कामों की मन भटकता है। इसलिए इस दिन पूरी तरह अपने मन पर नियंत्रण रखें और भूलकर भी किसी पर क्रोध न करें। जो व्यक्ति मकर संक्रांति पर क्रोध करता है उसके जीवन में नौकरी से जुड़ी समस्याएं आ खड़ी होती हैं।
55
ब्रह्मचर्य का पालन करें
धर्म ग्रंथों के अनुसार, मकर संक्रांति पर संयम पूर्वक रहना चाहिए यानी मन, वचन और कर्म से किसी के प्रति बुरी भावना मन में न लाएं, साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी करें। इस तरह के विचार मन में लाना भी इस दिन बुरा माना गया है। जो व्यक्ति मकर संक्रांति पर इन नियमों का पालन नहीं करता, उसके वैवाहिक जीवन में कलह की स्थिति बन सकती है।
Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi