उज्जैन. 25 जुलाई, रविवार से भगवान शिव का प्रिय मास सावन शुरू होने वाला है। इस मास में आने वाले सोमवार बहुत ही विशेष होते हैं क्योंकि सावन और सोमवार दोनों ही भगवान शिव की पूजा के लिए शुभ माने जाते हैं। इस बार सावन मास में 4 सोमवार आ रहे हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार, इन सोमवार को भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन करके इच्छित मनोकामना की पूर्ति की जा सकती है। जानिए सावन में कब-कब सोमवार आ रहा है और उनका महत्व…
पहला सोमवार- 26 जुलाई
सावन के पहले सोमवार को रोगमुक्ति और संकटों के नाश के उपाय किए जाने चाहिए। इस दिन भगवान शिव का अभिषेक शहद से करें। अभिषेक करते समय शिव महिम्नस्तोत्र का पाठ चलता रहे। यदि महिम्नस्तोत्र पढ़ने में आपको कठिनाई हो तो किसी पंडित से अभिषेक करवाएं। या फिर केवल महामृत्युंजय मंत्र की 1008 आवृत्ति करते हुए भी शहद से अभिषेक कर सकते हैं।
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दूसरा सोमवार- 2 अगस्त
इस दिन धन प्राप्ति के उपाय करने चाहिए। भगवान शिव का अभिषेक गन्ने के रस या केसर मिले हुए गाय के दूध से करने से आर्थिक संकटों का समाधान होता है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में तरक्की होती है। इससे शीघ्र कर्ज मुक्ति होती है। इस दिन संपूर्ण शिव परिवार का पूजन करना चाहिए।
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तीसरा सोमवार- 9 अगस्त
इस दिन निराहार रहते हुए शिव भक्ति में लीन रहा जाता है। इस दिन पंचामृत से शिवजी का अभिषेक करना विशेष फलदायी रहता है। अभिषेक के बाद बिल्व पत्र, धतूरा, बेल, आंक के फूल शिवजी को अवश्य अर्पित करें। अभिषेक करते समय ऊं नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें।
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चौथा सोमवार- 16 अगस्त
इस दिन शिवलिंग का अभिषेक केसर के दूध से करने से दांपत्य जीवन में आ रही सारी समस्याएं समाप्त हो जाती हैं। जिन युवक-युवतियों का विवाह नहीं हो पा रहा है वे भी यह प्रयोग करें और जो अपने मनचाहे साथी से विवाह करना चाहते हैं उन्हें तो अवश्य ही यह प्रयोग करना चाहिए।
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