उज्जैन. उत्तराखंड में शिवजी के पांच पौराणिक मंदिरों का एक समूह है, जिसे पंचकेदार के नाम से जाना जाता है। इस समूह में केदारनाथ, तुंगनाथ, रुद्रनाथ, मध्यमहेश्वर और कल्पेश्वर महादेव मंदिर शामिल है। कल्पेश्वर मंदिर को छोड़कर शेष चारों मंदिर शीतकाल में भक्तों के लिए बंद रहते हैं, क्योंकि यहां का वातावरण काफी ठंडा हो जाता है और ये मौसम इंसानों के लिए प्रतिकूल रहता है, यहां समय-समय पर बर्फबारी भी होती है। गर्मी के दिनों में ये मंदिर भक्तों के लिए खोल दिए जाते हैं।
कब, कौन-से मंदिर के खुलेंगे कपाट?
17 मई को केदारनाथ, तुंगनाथ और रुद्रनाथ के कपाट खोल दिए जाएंगे। इसके कुछ दिनों के बाद यानी 24 मई को मध्यमहेश्वर के कपाट खुलेंगे। कल्पेश्वर मंदिर तो सालभर भक्तों के लिए खुला रहता है। इनके अलावा बद्रीनाथ धाम के कपाट 18 मई को, गंगोत्री-यमुनोत्री के कपाट 14 मई को खोले जाएंगे।
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केदारनाथ धाम
पंच केदार में से एक केदारनाथ मंदिर उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में है। केदारनाथ बारह ज्योतिर्लिंग में से एक है। ये राज्य के चारधाम में भी शामिल है।
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तुंगनाथ मंदिर
तुंगनाथ मंदिर रुद्रप्रयाग जिले में है। पंच केदार में ये मंदिर सबसे ऊंचाई पर स्थित है।
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रुद्रनाथ मंदिर
रुद्रनाथ मंदिर उत्तराखण्ड के चामोली जिले में है। रुद्रनाथ मंदिर में शिवजी के एकानन यानी मुख की पूजा होती है।
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मध्यमहेश्वर मंदिर
ये मंदिर रुद्रप्रयाग जिले में है। यहां शिवजी की नाभि की पूजा की जाती है।
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कल्पेश्वर मंदिर
इस मंदिर में शिवजी की जटाओं की पूजा की जाती है। ये मंदिर उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित है।
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