उज्जैन. भारत मंदिरों का देश है। यहां हर मंदिर से जुड़ी कोई-न-कोई कहानी, महत्व व नियम होते हैं। इनमें से कुछ मंदिर अपने आप में बहुत ही विशेष हैं। आज हम आपको 4 ऐसे मंदिरों के बारे में बता रहे हैं जिनमें पुरुषों का प्रवेश वर्जित है। इनमें से कुछ मंदिरों में स्थाई तो कुछ में अस्थाई रूप से पुरुषों के प्रवेश पर रोक लगाई जाती है। जानिए इन खास मंदिरों के बारे में...
1. अट्टुकल भगवती मंदिर, केरल
केरल के अट्टुकल भगवती मंदिर में पोंगल का खास त्योहार मनाया जाता है, जिसमें लाखों महिला श्रद्धालु हिस्सा लेती हैं। ये कार्यक्रम 10 दिन तक चलता है, इसे नारी पूजा भी कहते हैं। इस दौरान यहां पुरुषों का प्रवेश वर्जित होता है।
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2. कामाख्या देवी मंदिर, आंध्रप्रदेश
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में कामाख्या देवी का मंदिर है। इस मंदिर परिसर में सिर्फ महिलाओं को पूजा करने का अधिकार है। इस मंदिर की पुजारी भी एक महिला है। इस मंदिर में पुरुषों का प्रवेश वर्जित है।
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3. कुमारी अम्मन मंदिर, कन्याकुमारी
कन्याकुमारी में स्थित कुमारी अम्मन मंदिर के गर्भगृह में ब्रह्मचारियों और संन्यासियों को केवल मंदिर के द्वार तक जाने की अनुमति है, जबकि शादीशुदा पुरुषों को मंदिर परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया जाता है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाने के लिए तपस्या की थी। मंदिर में केवल महिलाएं ही जा सकती हैं।
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4. राजराजेश्वरी माता मंदिर, बिहार
बिहार के मुजफ्फरपुर में स्थित राजराजेश्वरी का माता मंदिर आम तौर पर सभी श्रद्धालुओं के लिए खुला होता है, लेकिन माना जाता है कि मंदिर में विराजित षोडशी देवी कुमारी कन्या हैं। वह महीने में 4 दिन रजस्वला (पीरिएड्स) में होती हैं। इस दौरान कोई भी पुरुष मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकता है। इस नियम का इतनी सख्ती से पालन होता है कि मंदिर के पुजारी को भी इस दौरान गर्भगृह में रहने की अनुमति नहीं है।
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