Published : Feb 11, 2020, 07:46 PM ISTUpdated : Feb 19, 2020, 07:28 PM IST
नई दिल्ली. दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों पर नतीजे आ चुके हैं। आम आदमी पार्टी को 62 और भाजपा को 8 सीट मिली। कांग्रेस खाता भी नहीं खोल पाई। ऐसे में अगर वोट प्रतिशत की बात करें तो भाजपा को फायदा हुआ। जबकि आप और कांग्रेस को वोट प्रतिशत का घाटा हुआ है। भाजपा को साल 2015 में 32.3 प्रतिशत वोट मिले थे, जो अब बढ़कर 38.4 प्रतिशत हो गया है। वहीं आप का वोट प्रतिशत साल 2015 में 54.5 प्रतिशत था, जब अब थोड़ा सा कम हुआ है और 53.7 प्रतिशत पर आ गया है। कांग्रेस का वोट प्रतिशत साल 2015 की तुलना में आधा हो गया है। कांग्रेस को साल 2015 में 9.7 प्रतिशत वोट मिला था, जो अब घटकर 4.3 प्रतिशत ही रह गया है।
वोट प्रतिशत के साथ भाजपा को सीटों का फायदा : इस बार के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वोट प्रतिशत में 6.1प्रतिशत वोट बढ़े हैं। वहीं सीटों की संख्या भी 3 से बढ़कर 8 हो गई है। आप के वोट प्रतिशत में 0.8 प्रतिशत का घाटा हुआ है। सीटों की संख्या भी 67 से घटकर 62 पर आ गई है। कांग्रेस की सीट जीरो की जीरो बनी हुई है, लेकिन वोटों की संख्या में आधी कमी आ गई है। कांग्रेस का वोट 5.4 प्रतिशत कम हुआ है।
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विधानसभा चुनाव में 62.59 प्रतिशत मतदान हुआ : दिल्ली विधानसभा की 70 विधानसभा सीटों पर शनिवार को मतदान हुआ था, जिसमें 62.59% मतदान हुआ था। चुनाव आयोग ने 24 घंटे बाद मतदान का आंकड़ा जारी किया था, जिसपर आम आदमी पार्टी ने आपत्ति दर्ज कराई थी। आप सांसद संजय सिंह ने कहा था कि क्या भाजपा और आरएसएस से पूछकर मतदान प्रतिशत के आंकड़े जारी किए जा रहे हैं। (साल 2015 दिल्ली विधानसभा चुनाव के वोट प्रतिशत का ग्राफ)
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सबसे बड़ी जीत : दिल्ली चुनाव में बुराड़ी से आम आदमी पार्टी उम्मीदवार संजीव झा को सबसे बड़ी जीत मिली है। उन्होंने जदयू उम्मीदवार शैलेंद्र कुमार को 88 हजार वोटों के अंतर से हराया। संजीव झा को 1,39,598 वोट मिले हैं।
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सबसे छोटी जीत : दिल्ली चुनाव में सबसे छोटी जीत बिजवासन से आम आदमी पार्टी उम्मीदवार भूपिंदर सिंह की हुई। उन्होंने भाजपा के सत प्रकाश राणा को 753 वोटों के अंतर से हराया है।
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