FACT CHECK: मौत के 100 साल बाद भी मुस्कुरा रहा है बौद्ध भिक्षु? चौंकाने वाला है वायरल तस्वीर का रहस्य

फैक्ट चेक डेस्क. Buddhist monk smiling picture viral: क्या कोई आदमी मौत के बाद भी मुस्कुरा सकता है? वह भी ऐसा शख्स, जिसकी मौत सौ साल पहले हो चुकी हो? लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा ही दावा किया जा रहा है। एक तस्वीर जो बोद्ध भिक्षु के नाम वायरल हो रही है उसे देख लोग गदगद हैं। लोग तस्वीर को शेयर करते हुए कह रहे हैं कि ये एक बोद्ध भिक्षु है जो मौत के बाद भी मुस्कुरा रहा था।फैक्ट चेक में आइए जानते हैं कि आखिर पूरा माजरा क्या है? 

Asianet News Hindi | undefined | Published : Sep 20, 2020 5:38 PM
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FACT CHECK:  मौत के 100 साल बाद भी मुस्कुरा रहा है बौद्ध भिक्षु? चौंकाने वाला है वायरल तस्वीर का रहस्य

एक बौद्ध भिक्षु की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि मंगोलिया के एक इलाके में एक बौद्ध भिक्षु को "एक सदी पहले दफनाया गया था" लेकिन उनका शरीर अब भी मुस्कुरा रहा है। कहा जा रहा है कि बौद्ध भिक्षु अब तक "ध्यान की गहरी अवस्था में है" और इसी के जरिये उसने इस नामुमकिन को मुमकिन बनाया।

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वायरल पोस्ट क्या है? 

 

एक ट्विटर यूजर ने तस्वीर को शेयर करते हुए अंग्रेजी में कैप्शन लिखा है, जिसकी हिंदी कुछ इस तरह है, “करीब 100 साल पुरानी एक भिक्षु की ममी दुनिया भर की वेबसाइट पर खबर बनी हुई है। कुछ बौद्ध भिक्षुओं के मुताबिक, वह अब भी जीवित है और ध्यान की गहरी मुद्रा में है। ये शव मंगोलिया के एक इलाके में मिला है।” 

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ट्विटर पर ये जमकर वायरल है और लोग भरोसा भी कर रहे हैं जबकि कहानी कुछ और है।

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फैक्ट चेक 

 

रिवर्स सर्च की मदद से हमने पाया कि जिन बौद्ध भिक्षु की तस्वीर वायरल हो रही है, उनकी मौत 2017 में बैंकॉक, थाईलैंड के एक अस्पताल में हुई थी। ये तस्वीर बौद्ध भिक्षु लुआंग फोर पियान की है, जिनकी मौत नवंबर 2017 में बैंकॉक में हुई थी। पोस्ट का आर्काइव्ड वर्जन यहां और यहां देखा जा सकता है।

 

हमें 2018 की कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं, जिनमें ये तस्वीर इस्तेमाल की गई है। ‘डेली मेल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तस्वीर में दिख रहे भिक्षु का नाम श्रद्धेय लुआंग फोर पियान है। 92 वर्ष की उम्र में 16 नवंबर, 2017 को बैंकॉक के एक अस्पताल में उनकी मौत हुई थी।

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खबरों के मुताबिक, ये तस्वीर तब खींची गई जब उनके शिष्यों ने मौत के दो महीने बाद उनका शव ताबूत से बाहर निकाला था। बौद्ध परंपरा के मुताबिक नए वस्त्र पहनाने के लिए उनके शव को बाहर निकाला गया था। बौद्ध गुरु पियान मूल रूप से कंबोडिया के रहने वाले थे। उन्होंने अपना ज्यादातर जीवन थाईलैंड में एक आध्यात्मिक बौद्ध गुरु के रूप में सेवा करके बिताया था।

 

ब्रिटिश न्यूज वेबसाइट ‘मेट्रो’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भिक्षु का शव खराब नहीं हुआ था और ऐसे दिख रहा था जैसे कि उनकी मौत हुए 36 घंटे से ज्यादा का वक्त नहीं हुआ है।

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ये निकला नतीजा 

 

फैक्ट चेक में हमने पाया कि 2015 में मंगोलिया में मिले बौद्ध भिक्षु की तस्वीर वायरल हो रही तस्वीर से अलग है। (Demo Pic) 
 

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