Published : Mar 26, 2020, 12:00 PM ISTUpdated : Mar 26, 2020, 12:04 PM IST
नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में 21 दिनों का लॉकडाउन है। सरकार सख्ती से लॉकडाउन का पालन करवाने पर मजबूर है। इसके बाद भी लोग अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालकर घरों से बाहर निकल रहे हैं। लेकिन इस बीच कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने खुद से ही कोरोना से लड़ने के लिए नए तरीके इजाद किए हैं। किसी ने पत्ते से मास्क बना लिया है तो कहीं पर लोगों ने बैरियर लगाकर रास्ता ही बंद कर दिया। ऐसे ही चार तस्वीरें दिखाते हैं।
मास्क नहीं मिला तो पत्तों से बना लिया मास्क: पहली तस्वीर कांकेर की है। यहां आमाबेड़ा के कुरूटोला गांव में लोगों के पास स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में इन्होंने पत्तों से ही मास्क बना लिया है। इसके अलावा गांव के लोग सरकार की एडवाइजरी को भी मान रहे हैं।
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गांव में बाहर से आने वालों पर रोक लगा दी : दूसरी तस्वीर धमतरी की है। यहां के बरारी कोटाभर्री गांव के लोग कोरोना के प्रति काफी जागरूर है। यही वजह है कि इन्होंने गांव के एंट्री गेट पर बैरियर लगा दिया है। इनका साफ तौर पर कहना है कि गांव में बाहर से कोई व्यक्ति नहीं आएगा। 21 दिन के लिए गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति की एंट्री पर रोक है।
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तीसरी तस्वीर सुकमा की है। यहां करीब एक दर्जन मजदूर गांव लौटे। जब ग्रामीणों की इसकी जानकारी लगी तो वे खुद बस स्टैंड पहुंच गए। इसके बाद सबकों वहीं पर रोक कर स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद मेडिकल टीम ने सभी की जांच की और 14 दिन के लिए गांव के पास एक झोपड़ी में रहने की व्यवस्था कर दी।
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लॉडकाउड से पहले ही ग्रामीणों ने बंद किए रास्ते : ओडिशा में भी सीमाएं सील कर दी गई हैं। सरकार ने सभी सीमाओं को सील करने का आदेश जारी किया, लेकिन उससे पहले ही स्थानीय लोगों ने सीमाएं सील कर दीं। लोगों ने पेड़ गिराकर सीमाएं सील कीं।
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